जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। रविवार देर रात कठुआ जिले की हीरानगर उप जेल में बने डिटेंशन सेंटर में सात और रोहिंग्या लाए गए। इस बीच रोहिंग्याओं की बस्ती में सोमवार को कड़ी सुरक्षा रही। सभी बस्तियों के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। वहीं, कठुआ जिले की हीरानगर उप जेल में बने डिटेंशन सेंटर में भी पहरा रहा।
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हालांकि, सोमवार को रोहिंग्याओं की वेरिफिकेशन नहीं की गई, लेकिन एमए स्टेडियम के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। शनिवार को 170 रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर भेजा गया था। विरोध में भठिंडी इलाके के रोहिंग्या रविवार को बस्तियों से निकलकर पैदल ही म्यांमार के लिए निकल गए थे। इन्हें पुलिस ने वापस बस्ती में भेजा था।
रोहिंग्याओं की बस्ती भठिंडी और नरवाल इलाके में रोहिंग्या बस्ती के पास की सड़कें बिल्कुल सुनसान रहीं। रोहिंग्या अपने ही अस्थायी ठिकाने में कैद रहे। बाहर से गेट पर ताला लगा रहा। यह ताला स्वयं रोहिंग्याओं ने लगा रखा है या फिर जमीन के मालिक ने यह स्पष्ट नहीं हो सका। सड़कों पर सन्नाटा तो रहा लेकिन पुलिसकर्मी भी गश्त लगाते नजर आए। त्रिकुटा नगर, नरवाल और भठिंडी की रोहिंग्या बस्तियों में भी यही हाल रहा। पुलिस की ओर से इन लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है कि यह लोग अपनी बस्तियां छोड़कर भाग न जाएं।
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कई तरह का करते हैं कारोबार
रोहिंग्या सब्जी बेचने से लेकर कई तरह के कारोबार में शामिल हैं। नरवाल में सड़क किनारे फल-सब्जी की रेहड़ियां और बर्मा मार्केट में सूखी मछलियों का कारोबार करते हैं। यहां तक कि रात को सड़कों को गुब्बारे बेचने वाली महिलाओं में कई रोहिंग्या महिलाएं शामिल हैं।