फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीरः दो हफ्ते में गठित करें उपभोक्ता फोरम, वरना खुद पेश हों सचिव

Fri, 13 Dec 2019 11:48 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

केंद्र शासित प्रदेश बनने पर जम्मू-कश्मीर उपभोक्ता आयोग और उपभोक्ता फोरम के खत्म होने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सरकार को आयोग और फोरम गठित करने के लिए चेतावनी के साथ दो हफ्ते की मोहलत दी है। पुनर्गठन नहीं किए जाने पर कानून विभाग और उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।  

विज्ञापन


जस्टिस अली मोहम्मद मागरे और धीरज सिंह ठाकुर वाली खंडपीठ ने गुरुवार को मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। इसे लेकर सरकार के ढीले रवैये पर कड़ा एतराज जताया।

खंडपीठ ने महसूस किया कि जब यह याचिका दायर हुई थी तो 13 नवंबर 2019 को दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता फोरम के पुनर्गठन को लेकर उठाए गए कदम की जानकारी मांगी गई थी।
विज्ञापन


20 नवंबर को इसे लेकर रिपोर्ट मांगी गई तो दो हफ्तों का समय मांगा गया। गुरुवार को दोबारा जब सरकारी वकील कोर्ट पहुंचे तो और वक्त मांगा गया। इस पर खंडपीठ ने कहा कि उन्हें और समय देने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन प्रतिवादी पक्ष को यह समझना चाहिए यह मामला कितना महत्वपूर्ण है। कई लोगों की शिकायतें और मामले लंबित पड़े हुए हैं। ऐसे में कोर्ट दो हफ्तों का वक्त दे रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें