भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से पहले जम्मू-कश्मीर में हो रही राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में घाटी का मुद्दा हावी रहेगा। घाटी में उत्पन्न हालात तथा पत्थरबाजी के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किए जाने पर अंकुश लगनी चाहिए।
अलगाववाद से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। साथ ही घाटी आधारित पार्टियां जो पत्थरबाजों को प्रोत्साहित कर रही हैं उन्हें भी हतोत्साहित किए जाने की जरूरत है। कार्यकारिणी की बैठक के लिए तैयार एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा प्रमुखता के साथ रखा गया है। एजेंडे में इस बात पर चिंता जताई गई है कि घाटी के हालात खराब करने के लिए अब छात्र समुदाय को आगे किया जा रहा है।
इसमें छात्राओं को भी उकसाया जा रहा है। घाटी आधारित पार्टियों की ओर से पत्थरबाजों का समर्थन किया जा रहा है। हक के लिए पत्थरबाजी करने और केंद्र की ओर से इनके मुद्दे को हल करने संबंधी बयान देकर माहौल को और बिगाड़ने की कोशिशें कश्मीर आधारित पार्टियों की ओर से की जा रही हैं। इस मुद्दे को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे किसी भी राजनीतिक दल के प्रयासों को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।