राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि अलगाववादियों का समर्थन करने वाली कोई भी पार्टी राष्ट्रविरोधी है। साथ ही वह पाकिस्तान के हाथों खेल रही है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने किसी भी दल का नाम लिए बगैर कहा कि रियासत के कुछ राजनीतिक दल प्रतिबंधित संगठन के समर्थन में सामने आ रहे हैं। वे अलगाववादियों का समर्थन कर रहे हैं। साथ ही अपना रुख भी साफ कर रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा कि जो भी लोग या पार्टी अलगाववादियों का समर्थन कर रहे हैं वे आतंकियों और पाकिस्तान के हाथों में खेल रहे हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। इस जंग में जीत होगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य को आतंकवाद मुक्त घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आतंकी और देशविरोधी ताकतों की पकड़ राज्य में कमजोर पड़ रही है। इसलिए वह इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलवामा हमले के बाद सरकार अलगाववादियों के प्रति सख्त हो गई है और हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है। जमात- ए -इस्लामी के 170 से ज्यादा नेता देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के चलते गिरफ्तार किए गए।
कहीं न कहीं इससे देश विरोधी ताकतों को तगड़ा झटका लगा है। ऐसे में देश विरोधी तत्व आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि रियासत में युवाओं को जन्नत मिलने के नाम पर बहकाया जा रहा है। ज्ञात हो कि जमात पर प्रतिबंध के खिलाफ पीडीपी तथा नेकां ने आवाज उठाई है।