घाटी के युवाओं को कश्मीर की आजादी के नाम पर बरगला कर अच्छे भले परिवार में आग लगाने वाले आज खुद उसी आग की चपेट में आ गए हैं। अक्सर युवाओं को भड़का कर आतंक की राह पर भेजने वालों के घर का बेटा भी अब उसी राह पर निकल पड़ा है।
तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन मोहम्मद अशरफ सेहरई का बेटा शुक्रवार से गायब होने के बाद उसके आतंकी बनने की बात सामने आई। सोशल मीडिया पर उसकी एके -47 लिए एक फोटो वायरल हुई। इसके बाद अटकलें लगाई जा रही है कि अब वह भी दहशतगर्द बन गया है।
अगर यह सच है तो सेहरई इस बार बुरे फंसे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद ने सेहरई से कमांड में होने के नाते अपने बेटे के साथ घाटी के अन्य बेटों को बंदूक छोड़ घर वापस आने की अपील करने की गुजारिश की।
कश्मीर की आजादी का हवाला देते हुए हुर्रियत नेता कश्मीरी युवाओं को सुरक्षाबलों के खिलाफ खड़ा करने में अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं। अलगाववादी नेता आज तक दूसरों के घरों में आग लगाने का काम करते आ रहे हैं। ज्यादातर अलगाववादी नेताओं के बच्चे विदेशों में तालीम हासिल कर रहे हैं।
जुनैद, अलगाववादी संगठनों खासकर हुर्रियत के नेताओं का ऐसा पहला लड़का है, जिसने सीधे आतंकी संगठन से जुड़ कर बंदूक उठा ली हो। अभी तक अलगाववादियों को छोड़ आम लोगों के बेटे आतंकी बनते थे और उन्हें भटकाने के पीछे अलगाववादी संगठनों का बड़ा हाथ होता है।
इस बारे में अमर उजाला ने हुर्रियत का पक्ष जानने के लिए सेहरई और कांफ्रेंस के अन्य नेताओं से संपर्क करने की कोशिश की, पर कोई उपलब्ध नहीं हुआ।