अनंतनाग विधानसभा उपचुनाव पर पाकिस्तान की भी नजर है। यहां से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के मैदान में होने से चुनाव काफी रोचक हो गया है। अलगाववादियों के बहिष्कार का आह्वान भी बेअसर नजर आ रहा है।
शनिवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चिपकाए जाने की भी सूचना है। हालांकि, माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन से उत्पन्न संवेदना के कारण उप चुनाव में मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों से बढ़ सकता है।
पाकिस्तान लगातार घाटी में जम्हूरियत के खिलाफ रहा है। वह किसी न किसी प्रकार इसमें खलल डालने की कोशिशें करता रहा है। आईएसआई तथा आतंकी संगठन लगातार यहां चुनाव से पहले गड़बड़ी फैलाने की साजिश रचते रहे हैं।
जून के शुरूआत में ही सुरक्षा बलों पर दो आतंकी हमलों को दहशत फैलाने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, ताकि लोग मतदान वाले दिन घरों से बाहर ही नहीं निकल सकें। अलगाववादियों की ओर से भी लगातार मतदान से दूर रहने की लोगों से अपील की जा रही है। लोगों तक बहिष्कार के संदेश पहुंचाए जा रहे हैं।
अनंतनाग से महबूबा की जीत हार का दोनों देशों के बीच संबंध पर भी सीधा असर पड़ेगा। महबूबा लगातार अमन शांति के लिए पाकिस्तान से बातचीत की हिमायती रहीं हैं। इस वजह से पाकिस्तान अनंतनाग उप चुनाव पर लगातार नजरें बनाए हुए है।