कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने सोमवार को कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (संरा) के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के भारत दौरे से पहले उन्हें एक पत्र लिखा है। उन्होंने कश्मीर मुद्दे के तत्काल हल की जरूरत पर उनका ध्यान दिलाने की कोशिश की है।
अलगाववादियों के सामूहिक संगठन ‘ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने पत्र में लिखा, आप जब भारत के दौरे पर आ रहे हैं, हम, जम्मू-कश्मीर राज्य के लोग इस अवसर का इस्तेमाल इसे लेकर जारी विवाद के तत्काल हल की जरूरत की दिशा में ध्यान दिलाने के लिए करना चाहते हैं। जेआरएल के सदस्यों में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक शामिल हैं।
जेआरएल ने कहा कि उसे लगता है कि वार्ता न करने के भारत के फैसले से न केवल कश्मीर को बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र को अकल्पनीय नुकसान हो रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब सांस्कृतिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अंतर संपर्क अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बढ़ावा दे रहे हैं।
अलगाववादी नेताओं ने कहा, हम आपसे इस बात की वकालत करने की अपील करना चाहते हैं कि भारत सरकार कश्मीर को लेकर हमसे और पाकिस्तान, जिसके साथ भारत के संबंध बिगड़ते जा रहे हैं, से बातचीत करे। अलगाववादी नेताओं ने पत्र में कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया। गुतारेस तीन दिन के दौरे पर सोमवार को भारत आ रहे हैं।