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अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी पर हुर्रियत करेगी शुक्रवार को प्रदर्शन

Wed, 09 Mar 2016 02:12 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के नजरबंद करने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शनों का ऐलान किया गया है। 

  • हुर्रियत प्रवक्ता के अनुसार हुर्रियत (ग) द्वारा आधे घंटे का प्रदर्शन पीएसए के खिलाफ भी किया जाएगा
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कश्मीरी अलगाववादी नेता - फोटो : PTI
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विस्तार
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कश्मीर के कट्टरपंथी अलगाववादी नेता और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के नजरबंद करने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शांतिपूर्वक प्रदर्शनों का ऐलान किया गया है। 
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यह प्रदर्शन जेएनयू मामले में प्रोफेसर एसएआर गिलानी की गिरफ्तारी के साथ-साथ कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह और नईम खान की लगातार नजरबंदी को लेकर आयोजित किये जाएंगे।

हुर्रियत प्रवक्ता के अनुसार हुर्रियत (ग) द्वारा आधे घंटे का प्रदर्शन पीएसए के खिलाफ भी किया जाएगा, क्योंकि पिछले कई दिनों से लगातार हुर्रियत के कई कार्यकर्ताओं पर पीएसए लागू किया गया है। 
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सैय्यद अली शाह गिलानी के हवाले से प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर प्रोफेसर एसएआर गिलानी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और दूसरी ओर घाटी में हुर्रियत से संबंधित लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
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जेएनयू मामले में प्रोफेसर गिलानी को बलि का बकरा

सैयद अली शाह ग‌िलानी - फोटो : PTI
गिलानी के अनुसार पार्लियामेंट अटैक मामले में उसे फंसाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जुर्म साबित नहीं हो पाया था। अब उन्हें पूरा यकीन है कि जेएनयू मामले में प्रोफेसर गिलानी को बलि का बकरा बनाया जाएगा। उसका सबसे बड़ा जुर्म यह है कि वो एक कश्मीरी है। 

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कश्मीर तब तक शांत नहीं रहेगा और अपना प्रदर्शन जारी रखेगा, जब तक उसकी रिहाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी कारण के उन्हें नजरबंद किए हुए है। शुक्रवार को प्रदर्शन करके लोग अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

गौरतलब है कि सैयद अली शाह गिलानी द्वारा हुर्रियत नेता शब्बीर शाह और नईम खान की लगातार नजरबंदी पर निंदा जताई है। उनके अनुसार पुलिस द्वारा उन्हें निवारक हिरासत के नाम पर अवैध रूप से नजरबंद रखा गया है और उन्हें अदालतों के समक्ष भी पेश नहीं किया जा रहा था।
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