चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश के कारीगरों ने किया नवीकरण
तवी किनारे स्थित अमर महल म्यूजियम की दीवारों पर ब्लैक फंगस जम गया था। लाखों की लागत से इसका नवीकरण किया गया है। स्थानीय कारीगरों के साथ ही चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश के कारीगरों ने नवीकरण को अंजाम दिया है।
पिछले छह माह में बढ़ी स्थानीय दर्शकों की संख्या
जम्मू घूमने आने वाले दर्शकों की अच्छी-खासी संख्या अमर महल म्यूजियम देखने आती है लेकिन पिछले छह माह में स्थानीय दर्शकों की संख्या बढ़ी है। प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी बताते हैं कि इस म्यूजियम का स्ट्रक्चर अपने आप में दर्शनीय है।
लोग समृद्ध डोगरा विरासत के बारे में जानें
अमर महल म्यूजियम को समृद्ध करने के लिए लगातार इसमें कुछ नई पेंटिंग, किताबें और अन्य धरोहरों को जोड़ने का सिलसिला जारी है। हम चाहते हैं कि सभी लोग समृद्ध डोगरा विरासत के बारे में जानें। -राजकुमार मार्तंड सिंह, हरि-तारा ट्रस्ट
ताड़ पर लिखे स्कंद पुराण, पर्सियन महाभारत के साथ ही दुर्लभ कलाकृतियों का नजारा
धरोहर व विरासत की अनोखी दुनिया आज आपका इंतजार करेगी। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर डोगरा आर्ट म्यूजियम जम्मू और एसपीएस म्यूजियम श्रीनगर में दुर्लभ कलाकृतियों व पांडुलिपियों की प्रदर्शनी लगने जा रही है। म्यूजियम सुबह दस से शाम 4 बजे तक खुलेगा। इसमें प्रवेश मुफ्त रहेगा।
डोगरा आर्ट म्यूजियम में लगने वाली प्रदर्शनी में ताड़ के पत्ते पर लिखा गया स्कंद पुराण, अंबारा अखनूर से मिली टेराकोटा की मानव संरचना, विशेष डाक टिकट संग्रह, पुराने करेंसी नोट, बशोहली पेंटिंग आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं, श्रीनगर के एसपीएस म्यूजियम में पंच मार्क सिक्के, कुषाण कालीन सोने के सिक्के, गिलगिट पांडुलिपि, सुदामा सीरीज की पेंटिंग, टेराकोटा के अभिलेख, कांस्य पर उभरी बोधिसत्व की कहानी, अफगान सिख और डोगरा काल के शॉल, पर्सियन में लिखी महाभारत और श्रीनगर का कढ़ा हुआ नक्शा दर्शकों के लिए प्रदर्शन को रखा जाएगा।
म्यूजियम में तोशाखाना से लाए हथियारों व महाराजाओं के नित्य प्रति की इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को भी रखा गया है। कोशिश यही है कि यहां आने वाले दर्शक अपनी विरासत और धरोहरों से रूबरू हो सकें। -डॉ. संगीता शर्मा, डायरेक्टर, म्यूजियम एंड आर्काइव्स