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कश्मीर में अलर्ट: रामबाग और हैदरपोरा मुठभेड़ के बाद घाटी की सुरक्षा और कड़ी, कई इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती 

Fri, 26 Nov 2021 01:46 PM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

कश्मीर में 15 दिन के भीतर तीन बड़ी मुठभेड़ों के बाद घाटी की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों लगाया गया है। घाटी में तीन बड़ी मुठभेड़ों में 12 आतंकियों का खात्मा किया गया है। इन मुठभेड़ों के बाद कई संदिग्ध सोशल मीडिया से जरिये लोगों को उकसाने में लगे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। 
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सुरक्षा के चलते जांच करती जम्मू कश्मीर पुलिस। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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हैदरपोरा के बाद रामबाग इलाके में बुधवार को हुई मुठभेड़ में टीआरएफ कमांडर मेहरान के मारे जाने के बाद श्रीनगर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर अतिरिक्त जवानों का लगाया गया है। खुफिया एजेसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। 

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दरअसल रामबाग में तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद श्रीनगर के पुराने शहर के कई इलाकों में बुधवार को हिंसक झड़पें हुई  थी। इसे देखते हुए शहर के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। वीरवार को शहर में दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान भी बंद रहे, सड़कों पर भी यातायात कम देखने को मिला। इसका असर शुक्रवार को भी देखने को मिला। हालात को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। 

महबूबा ने रामबाग मुठभेड़ पर उठाए थे कई सवाल 
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने संदेह जताते हुए कहा कि मुठभेड़ की प्रमाणिकता पर संदेह पैदा हो रहा है। रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऐसा लगता है कि फायरिंग एकतरफा थी। एक बार फिर आधिकारिक जानकारी सच्चाई से दूर और जमीनी हकीकत के अनुरूप नहीं है। बुधवार को श्रीनगर के डाउनटाउन का मेहरान शाला, पुलवामा के मंजूर अहमद मीर और अराफात शेख को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया। मेहरान आतंकी संगठन टीआरएफ का कमांडर था, जोकि प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की हत्या में भी शामिल था। 
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डीजीपी बोले, आतंकियों को बेगुनाह कहने वाले दोगलापन छोड़ें, काले चश्मे उतारें 
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कश्मीर में आतंकियों को आम नागरिक बताने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कातिलों को बेगुनाह कहने की कोई हिमाकत न करे, जो ऐसा कह रहे हैं, वह दोगलापन छोड़ें और काले चश्मे उताकर हकीकत को स्वीकार करें। श्रीनगर के राजबाग में मारे गए तीन आतंकियों के बारे डीजीपी ने कहा कि ये तीनों दर्जनों आतंकी वारदातों में शामिल थे। ये लोग टीआरएफ के लिए भी काम करते थे।

मारे गए आतंकी महिला शिक्षक की हत्या में था शामिल 
डीजीपी ने कहा, कश्मीर में महिला शिक्षक और प्रधानाचार्य की हत्या, सब इंस्पेक्टर अरशद की हत्या, एक आम नागरिक मिरान अली की हत्या समेत कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने में इनका हाथ था। ये लोग ग्रेनेड हमले करने में भी शामिल हैं। 

बीस आतंकियों का हो चुका खात्मा 
डीजीपी का कहना है कि कुछ लोग मीडिया में आतंकियों को आम नागरिक बता रहे हैं, वे ऐसा करने की हिमाकत न करें। कातिलों को बेगुनाह कहना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। कश्मीर में आम नागरिकों की हत्या करने वालों पर किसी कीमत पर रहम नहीं होगा। टारगेट किलिंग के बाद कश्मीर में अब तक हर एक आतंकी मारा गया है। इस साल अब तक 20 आतंकी मारे जा चुके हैं। टारगेट किलिंग वाला सिर्फ बासित नाम का आतंकी जिंदा है। 

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