सैन्य संस्थानों में फिदायीन हमले की आशंका के चलते सेना ने सभी सैन्य शिविरों में सुरक्षा बढ़ाई है। सुबह तीन से लेकर छह बजे तक अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनाती के अलावा गश्त भी बढ़ाई है।
सेना ने सभी सैन्य शिविरों में सुबह के पहले पहर की ड्यूटी मेें बदलाव किया है। सुबह तीन बजे से लेकर छह बजे तक सैन्य संस्थानों में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है।
इस पहर में ड्यूटी बदलाव के बजाय अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। सेना की रिसर्च के मुताबिक अधिकतर आतंकी और फिदायीन हमले सुबह पांच से छह बजे के बीच होते हैं। इस दौरान ही घुसपैठ हुई। कालूचक, हीरानगर थाना, चिनौर में आतंकी हमला सुबह के समय ही हुआ है। इस समय मेें अक्सर जवानों की ड्यूटी में बदलाव होता है।
उड़ी मेें भी आतंकी हमला सुबह पांच बजे हुआ। जब सेना के जवान ड्यूटी में बदलाव कर रहे थे। उत्तरी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने सभी कमांडरों के साथ बैठक करके सेना के आधार शिविरों की सुरक्षा को जांचा। सेना की ड्यूटी चार्ट की समीक्षा की।
सभी शिविरों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
Border Security
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कमांडरों ने ड्यूटी चार्ट के साथ ही अतिरिक्त जवानों की तैनाती भी की है। इस दौरान ड्यूटी दो बार बदलेगी। इस बीच अतिरिक्त जवान चौकियों पर मौजूद रहेंगे। आतंकी हमलों की आशंकाआें के कारण सेना ने सभी शिविरों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया है। जवानों को सतर्क किया गया है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
गश्त भी बढ़ाई गई है और हाईवे पर मौजूद सैन्य शिविर व क्वार्टरों में भी सुुरक्षा को बढ़ाया गया है। सुबह सेना की रोड ओपनिंग टीम सैन्य छावनी के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा जांच करेगी। गृह मंत्रालय के द्वारा आतंकी घुसपैठ के अलर्ट के बाद सेना ने अपने सैन्य कैंपो पर कड़ा पहरा लगा रखा है । सेना के जवानों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ।
सचिवालय की सुरक्षा रहेगी बड़ी चुनौती
Jammu
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लगातार खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी आतंकी हमलों के इनपुट से जम्मू में आने वाले दरबार की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। अगले महीने जम्मू में सचिवालय शुरू हो रहा है। ऐसे में सचिवालय की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त तैयारियां करनी पड़ेंगी।
पहले से अधिक सचिवालय की सुरक्षा को मजबूत करना पड़ेगा। श्रीनगर से लेकर जम्मू तक दरबार आने और यहां दरबार शुरू करने के लिए व्यापक इंतजाम की आवश्यकता होगी। सचिवालय सुरक्षा के एसएसपी एजाज भट्ट का कहना है कि श्रीनगर से लेकर जम्मू तक दरबार कड़ी सुरक्षा में शिफ्ट होगा। जब जम्मू में दरबार शुरू होगा तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
आतंकी हमलों की आशंका
आतंकी हमलों की आशंका
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अगर कहीं अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी होगी तो इसके लिए उच्च अधिकारियों को बोला जाएगा। रूटीन में होने वाले सुरक्षा इंतजाम से हटकर इंतजाम किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भारत के पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकी हमलों की आशंका बढ़ गई है।
खुफिया एजेंसियों की ओर से लगातार हमले होने की सूचनाएं पहुंच रही हैं। पहले आतंकियों का टारगेट कश्मीर था, क्योंकि दरबार श्रीनगर था। अब दरबार जम्मू में होगा और आतंकियों का फोकस जम्मू में रहेगा। इस लिहाज से भी सुरक्षा कड़ी करनी होगी।
सुरक्षा के लिए सचिवालय ही नहीं, इसके आसपास भी नजर रहेगी, क्योंकि पास में ही पुलिस कंट्रोल रूम, रघुनाथ मंदिर और श्री रणवीरेश्वर मंदिर भी है। इन सब को लेकर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सचिवालय की तरफ आने जाने वाले हर रास्ते पर सुरक्षा बलों की कड़ी नजर रहेगी।