जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में जूनियर डाक्टरों की सुरक्षा का मामला फिर तूल पकड़ सकता है। सुरक्षा सहित स्वास्थ्य मंत्री के व्यवहार के खिलाफ डाक्टरों में विरोध स्वर भी उभरने लगे हैं।
उनका कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा के लिए उन्हें हर बार गुमराह किया जा रहा है। इस बीच रविवार भी अधिकांश डाक्टरों ड्रेस कोड से दूर रहे।
हालांकि डाक्टरों की पूर्व हड़ताल के बाद स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य चल रही हैं, लेकिन दोबारा वैसी स्थिति बनने पर मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल का कहना है कि डाक्टरों की सुरक्षा के लिए इमरजेंसी में बीस पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और अन्य जगहों पर भी व्यवस्था की जा रही है।
इस बीच रविवार को रेंजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन के सदस्य सोमवार की शाम चार बजे निकाले जाने वाले विरोध मार्च की तैयारियों में जुटे रहे।
इसके लिए डाक्टरों का समर्थन जुटाने के प्रयास किए गए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि डाक्टर अपने मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।