रियासत में चल रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है। अरनिया में आतंकी हमले के बाद यह बात पुख्ता हो जाती है कि आतंकी दूसरे चरण के चुनाव में आतंक मचाने की साजिश के लिए तैयार बैठे है।
आतंकी वारदात के चलते सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस के साथ सेना ने भी कई जगहों नाके लगाए हैं। बीएसएफ को भी चौबीस घंटे सतर्क रहने को कहा गया है।
इस बीच पुलिस भी हर आने-जाने वालों पर नजर रख रही है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि किस संदिग्ध के देखे जाने पर इसकी सूचना तुरंत सुरक्षा बलों या पुलिस को दें।
खुफिया एजेंसियां भी हुई सतर्क
दरअसल, पहले चरण के मतदान में बंपर वोटिंग से आतंकी बौखला गए हैं। इसके चलते अन्य चरणों के मतदान में आतंकियों की ओर से खलल डालने की कोशिश की जा रही है।
घुसपैठ के भी लगातार प्रयास हो रहे हैं। घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों के लिए जम्मू का सांबा जिला संवेदनशील माना जाता है।
इस लिहाज से इस जिले में पुलिस, सेना और बीएसएफ के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस के साथ सेना की ओर भी अतिरिक्त नाके लगाए जा रहे हैं। इस इलाके से होकर गुजरने वाले हर वाहन की गहनता से जांच की जा रही है।
आर्मी स्कूल को भी हो सकता है खतरा
रक्षा सूत्रों के अनुसार सीमा की निगरानी में जुटे बीएसएफ के जवानों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव के दौरान सीमा पर कहीं से भी कोई चूक न हो इसके लिए हर प्रकार की सुरक्षा को पुख्ता बनाया गया है।
उधर, सेना के अधिकारियों ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को जागरूक रहने को कहा गया है। सेना ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। घुसपैठ के पुराने मार्गों पर भी पुलिस और सेना ने चौकसी बढ़ा दी है।
सैनिक क्षेत्र माहेश्वर में सेना के जवानों को पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात किया गया है। स्थानीय आर्मी स्कूल के चारों ओर सेना के जवान तैनात कर दिए गए हैं।