कारगिल विजय दिवस समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सेना के उत्तरी कमांड के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा कि आईएस से निपटने के लिए पूरे सुरक्षा तंत्र को एकजुट होने की जरूरत है।
आईएस की मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तक आईएस की गहरी मौजूदगी के कोई पुख्ता सकेत नहीं मिले हैं। पर इस संगठन की सोच और विचारधारा को देखते हुए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वह किसी हाल में यहां अस्तित्व में न आ सके।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में आईएस के लिए कोई स्थान नहीं है। इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को एकजुट होकर पुख्ता योजना के साथ आईएस को नाकाम करना होगा।
उन्होंने कहा कि आईएस अफगानिस्तान में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। वहां अफगान तालिबान के साथ उसके संघर्ष के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। वह अब इस तरफ बढ़ने की कोशिश में है और यह गंभीर चिंता का विषय है।
हुड्डा ने कहा कि सेना के पास करीब 60 युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की आधिकारिक सूचना है। इनमें से 30 से 35 युवाओं ने इस साल आतंकी संगठनों का दामन थामा है।
हालांकि युवाओं की संख्या बहुत अहमियत नहीं रखती और न ही इससे सुरक्षा व्यवस्था को ही कोई खतरा है, पर एक भी युवा राह भटककर आतंकवाद का दामन थामता है तो जाहिर तौर पर यह चिंता का विषय है। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए विशेष कदम उठाने होंगे।