वर्षों बाद कालाकोट में आतंकियों की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। किसी समय जिला राजोरी में आतंकवाद चरम पर था। उस समय कालाकोट का पहाड़ी क्षेत्र आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। सीमा पार करने के बाद आतंकी सुंदरबनी के रास्ते से होते हुए कालाकोट के घने जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं।
वर्षों तक कालाकोट के जंगलों में सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान की बदौलत ये क्षेत्र पूरी तरह आतंक से मुक्त था। लेकिन गुरुवार रात हुई मुठभेड़ से साफ हो गया कि आतंकी पुराने रूट के सहारे आतंक को जिंदा करने की फिराक में हैं।
सूत्रों के अनुसार जैसे ही बरसात का मौसम शुरू होगा, क्षेत्र में मक्की के पौधे ऊंचे होने के चलते सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ सकती है। आतंकी इन फसलों की आड़ में आसानी से घुसपैठ करके सुंदरबनी-नौशेरा होते हुए आसानी से कालाकोट के जंगलों में पहुंचकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ा सकते हैं।