अहमदाबाद में पकड़े गए आईएस खोरासान प्राविंस (आईएसकेपी) मॉड्यूल के कश्मीर कनेक्शन की तलाश तेज कर दी गई है। मॉड्यूल में चार कश्मीरी युवकों के शामिल होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। इन चारों की कुंडली खंगाली जा रही है। श्रीनगर के अमीराकदल तथा आस-पास के इलाकों के रहने वाले इन युवकों की देश विरोधी प्रदर्शनों में भूमिका का पता चला है।
अब इनके खिलाफ दर्ज मामलों के रिकॉर्ड भी निकाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन युवकों के खिलाफ पुलिस में दर्ज मुकदमों के चलते उनका वीजा बनना मुश्किल था, इस वजह से अवैध तरीके से अफगानिस्तान जाना चाहते थे। कश्मीर में एलओसी पर सेना की सतर्कता की वजह से सीमा पार करते वक्त पकड़े जाने का खतरा था।
इसलिए हैंडलर अबू हमजा ने यह तय किया कि गुजरात के रास्ते हथियारों की ट्रेनिंग तथा हमले के लिए अफगानिस्तान भेजा जाए। इन युवकों की निशानदेही के बाद सूरत में पकड़ी गई सुमेरा बानो एक साल से इनके संपर्क में थी। आशंका जताई जा रही है कि कहीं घाटी में महिलाओं में कट्टरता का बीज तो नहीं बोया गया।
सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सभी एंगल से तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।
अहमदाबाद और कश्मीर पुलिस जांच के लिए एक-दूसरे के संपर्क में
सूत्रों का कहना है कि मॉड्यूल के ध्वस्त होने के बाद अहमदाबाद और कश्मीर पुलिस एक-दूसरे के संपर्क में है। अहमदाबाद पुलिस पूछताछ में मिले सुराग कश्मीर पुलिस को शेयर कर सकती है जिसके आधार पर नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि आई क्लाउड अकाउंट में मिले फोटो तथा वीडियो के आधार पर भी यह पड़ताल की जाएगी कि कौन लोग इन युवकों के संपर्क में हैं। किस प्रकार की गतिविधियां की जा रही हैं।
ज्ञात हो कि अहमदाबाद पुलिस ने आईएसकेपी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर पोरबंदर से चार कश्मीरी युवकों उबैद नसीर, हनान हयात शोल, मोहम्मद हाजिम शाह व जुबैर अहमद मुंशी को गिरफ्तार किया था। इनकी महिला साथी सुमेरा बानो को भी पकड़ा गया था। जुबैर व सुमेरा लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।