हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बावजूद सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों की तलाश के लिए चल रहे तलाशी अभियान को और विस्तारित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात हुई मुठभेड़ के बाद यह अभियान जिले के ऊपरी इलाकों तक फैलाया गया है।
यह मुठभेड़ रविवार रात करीब 10.20 बजे छात्रू क्षेत्र के जनसीर-कंडीवार जंगल में हुई जब सेना और पुलिस की संयुक्त तलाशी टीम ने आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हुई जो कुछ समय तक चली। हालांकि, दो से तीन आतंकियों के होने की आशंका है जो अंधेरे, घने जंगल और दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
पिछले एक हफ्ते में छात्रू इलाके में यह तीसरी मुठभेड़ है। यह पूरा क्षेत्र जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।
इससे पहले 18 जनवरी को सोनार गांव (मंडराल-सिंहपोरा के पास) में हुई मुठभेड़ में एक पैरा कमांडो बलिदान हुआ था और सात अन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। उस समय भी आतंकी भागने में कामयाब रहे लेकिन 22 जनवरी को उन्हें कुछ किलोमीटर दूर दोबारा घेर लिया गया था। बावजूद इसके आतंकियों को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी और अभियान जारी रहा। इस दौरान शुक्रवार को इलाके में दो फीट से अधिक बर्फबारी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि ताजा मुठभेड़ के बाद इलाके में निगरानी के लिए सेना के हेलीकॉप्टर उड़ान भरते देखे गए। आतंकियों की तलाश में कई तलाशी दल अलग-अलग दिशाओं में भेजे गए हैं।
अभियान का दायरा किश्तवाड़-सिंथन रोड से जुड़े नए इलाकों तक बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही सेना ने ड्रोन, यूएवी और खोजी कुत्तों की मदद भी लेनी शुरू कर दी है।