महबूबा मुफ्ती ने छात्राओं को दी चाबियां
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सड़कों पर आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन में सफर करते लड़कियों को जो झेलना पड़ता है, वे खुद भी उस उत्पीड़न को सह चुकी हैं। उन्हें अपने कालेज और यूनिवर्सिटी के दिन बखूबी याद हैं। कश्मीर में तो हालात और भी खराब हैं जहां पर बच्चियाें को घरों में कैद होकर रहना पड़ता है।
कालेज छात्राओं के लिए स्कूटी योजना का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, अब बेखौफ स्कूटी चलाएं। अपना सर ऊंचा रखकर अपनी उपलब्धियाें पर गर्व करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लड़कों के लिए ऑल टैरेन माउंटेन बाइक (एटीएमबी) योजना बना रही है। कमजोर आर्थिक स्थिति की पृष्ठभूमि से विद्यार्थियों को पर्वतीय इलाकों में चलने में सक्षम साइकिल दी जाएगी।
महबूबा ने श्रीनगर के शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर और बारामुला के डाक बंगले में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों को संबोधित किया। इस दौरान उन्हाेंने एमए रोड महिला कालेज और नवा कदल कालेज श्रीनगर की 300 छात्राओं और बारामुला महिला कालेज की 150 छात्राओं को सब्सिडी पर दी जा रहीं स्कूटी की चाबियां थमाईं।
उद्यमशील बनाने के लिए स्थापित होंगे प्रशिक्षण केंद्र
महबूबा मुफ्ती ने छात्राओं को सौंपी चाबियां
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज पर जब भी हिंसा या फिर तनावपूर्ण हालात की मार पड़ती है तो सबसे ज्यादा महिला वर्ग को झेलना पड़ता है। शांति बहाली से लेकर समाज के उत्थान की प्रक्रिया में महिला वर्ग सबसे महत्वपूर्ण पक्षकार है।
रियासत में सरकार ने कालेज छात्राओं के लिए स्कूटी और महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू की है। महिला पुलिस थानों की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब महिलाओं को उद्यमशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
लड़कों के लिए एटीएमबी योजना पर उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के उन लड़कों को सरकार साइकिल देगी जिनके घर से स्कूल का फासला कम से कम दो किलोमीटर होगा। 10वीं में 58 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त इन विद्यार्थियाें को लिखित में वादा करना होगा कि वे पढ़ाई जारी रखेंगे।
पवित्र कुरान में महिलाओं को विशेष सम्मान: महबूबा
छात्रा को स्कूटी की चाभी देतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने कहा कि इस्लाम और पवित्र कुरान में महिलाओं को विशेष सम्मान दिया गया है। पैगंबर मोहम्मद की पत्नी हजरत खादिजा कारोबारी महिला थीं। घुड़सवारी में माहिर हजरत आयशा ने युद्ध के मोर्चे का नेतृत्व भी किया।
महबूबा मुफ्ती ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने सियासत करने के लिए महिलाओं के अधिकारों को खत्म करने को इस्लाम के संदेश को ही तोड़-मरोड़ दिया। महबूबा के संबोधन के दौरान वहां बड़ी संख्या में छात्राएं भी मौजूद थी।