राज्य में लुप्त होती वन्यजीव प्रजातियों पर जलवायु परिवर्तन के पड़ने वाले असर और इसकी वजह से ईको सिस्टम को पहुंचने वाले नुकसान का अध्ययन भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के वैज्ञानिक करेंगे। इसके लिए 11 वैज्ञानिकों की टीम चुनी गई हैं।
इनके साथ 22 अन्य अधिकारी, कर्मी भी होंगे। देश के 12 हिमालयन राज्यों में इसका अध्ययन किया जा रहा है। इनमें जम्मू-कश्मीर भी शामिल है। सबसे अधिक ध्यान कश्मीर और लद्दाख खित्ते पर रहेगा।
इंडियन नेशनल एक्शन प्लान आफ क्लाइमेट चेंज के अधीन वन्यजीव संस्थान और विज्ञान एवं तकनीकी विभाग मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। सरकार इस पर 550 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है।
क्लाइमेट से बचाएंगे वन्यजीवों को
इस अध्ययन के तहत वैज्ञानिक वन्यजीवों को बदलते क्लाइमेट से बचाने का रास्ता ढूंढेंगे। नेशनल मिशन फार सस्टेनिंग द हिमालयन ईको सिस्टम को लांच करने के बाद इसमें जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, असम और पश्चिम बंगाल को शामिल किया गया।
वन्यजीव विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अक्तूबर के अंत या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में इन वैज्ञानिकों की टीम दौरा कर सकती है। दो प्रोजेक्ट साइट इसके लिए चुनी गई हैं। वेस्टर्न और ईस्टर्न हिमालय इसमें शामिल हैं। टीम में शामिल किए गए 22 अधिकारियों और कर्मियों को इसी साल ट्रेनिंग भी दी गई थी।