आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक पर आधारित विषयों को राज्य के विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाए। इससे छात्रों को रोजगार अथवा नौकरी हासिल करने में सीधा फायदा होगा। लिहाजा स्थानीय विश्वविद्यालय देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर छात्रों को आधुनिक सुविधाएं और विषय मुहैया कराएं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को स्थानीय सचिवालय में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय के कामकाज और विस्तार संबंधी गतिविधियों की उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा के दौरान यह बातें कहीं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान रियासती हुकूमत का फोकस शिक्षा क्षेत्र का विस्तार करने और इसे मजबूत बनाने पर रहा। नतीजतन हम नये विश्वविद्यालय स्थापित करने के साथ काफी हद तक छात्रों को आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने में कामयाब रहे।
शोध पर दिया जा रहा जोर
इसकी वजह से अब राज्य के अधिकतर विश्वविद्यालय आधुनिक विषय छात्रों को पढ़ने के लिए मुहैया करवा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा और शोध के लिए बुनियादी ढांचा मुहैया कराने को भी बराबर तवज्जो दी गई।
इस मौके पर डिप्टी रजिस्ट्रार सुनीता गुप्ता ने बताया कि स्कूल आफ मैनेजमेंट स्टडी एंड इक्नॉमिक्स, मैथ्स, साइंस और इंजीनियरिंग, बायो साइंस और बायो तकनीक, एजूकेशन, इस्लामिक स्टडीज, नैनो तकनीक, हेल्थकेयर और फार्मेसी के विभाग विवि में स्थापित हो गए हैं।
विश्वविद्यालय में एमबीए, एमसीए, एमए अर्बिक, एमएससी आईटी और एमएससी बायो तकनीक विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन करवाई जा रही है।
नए विषय किए जाएंगे शुरू
बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय की समीक्षा के दौरान वीसी ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। एमएससी मैथ्स, बॉटनी, जूलोजी और कंप्यूटर साइंस विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन इस वर्ष से शुरू की जा रही है।
इसके अलावा ट्रेवल और टूरिज्म में विश्वविद्यालय ग्रांट कमीशन द्वारा मंजूर किया गया जॉब ओरिऐंटड कोर्स भी कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने बायो साइंस में पहला पीएचडी स्कालर पैदा किया है।
इसके अलावा 59 शोधकर्ता पीएचडी और 12 एमफील विभिन्न विषयों में कर रहे हैं। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन, हज एवं ओकाफ मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद, वीसी प्रो. आईए हमाल, योजना एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव बीआर शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव मुश्ताक अहमद, रजिस्ट्रार एमआर चौधरी आदि मौजूद थे।