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Jammu News: कम बच्चों के चलते बंद हुए सरकारी स्कूलों की इमारतें हो रहीं बदहाल

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सांबा। सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या के चलते सांबा जिले में कई सरकारी स्कूलों को बंद किया गया है। इसके चलते कई सरकारी स्कूलों की इमारतें खंडहर हो रही हैं या फिर उन्हें लोग अपने निजी कामों में उपयोग ला रहे हैं। शिक्षा विभाग की इकाई यूनाइटेड डिस्टिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन प्लस (यूडीआइएसई प्लस) की गणना के आकंड़ों के अनुसार सांबा जिले में लगभग 125 स्कूल प्रभावित हुए हैं। इनमें से अधिकांश स्कूलों के छात्रों को निकटवर्ती स्कूलों में दाखिल कर स्कूल स्टाफ को भी अटैच कर दिया गया है। स्थानीय निवासी एवं पूर्व पंच स्वर्ण सिंह के अनुसार पहाड़ी गांव रैथ के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बच्चे घर के निकट ही शिक्षा ग्रहण करते थे। बच्चों की संख्या के कम होने पर स्कूल को बड़ला ब्राह्मणा में अटैच कर दिया गया। वहीं स्कूल की इमारत में स्कूल का सारा सामान भी अंदर ही नष्ट हो गया। स्थानीय एक ग्रामीण ने कई वर्ष तक उक्त स्कूल में भूसा भरना शुरू कर दिया। आज भी उक्त स्कूल के मैदान पर फसल की बिजाई की गई है। शिकायत करने पर भी कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। पंच सोमराज के अनुसार उनके सीमावर्ती गांव कुलियां में प्राइमरी स्कूल को बंद कर दिया गया। बच्चों को मंगु चक के सरकारी स्कूल में भेजा गया जो दो किलोमीटर की दूरी पर है। छोटे बच्चों को स्कूल जाने की भी परेशानी बनी रहती है। स्कूल की इमारत भी खंडहर बनती जा रही है। पूर्व पंच कृष्ण लाल के अनुसार उनकी राजपुरा बस्ती दो में प्राइमरी स्कूल को बंद कर दिया गया व एक किलोमीटर दूर स्कूल में बच्चों को भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कि जो स्कूल बंद हो गए हैं, उनमें कुछ इमारतें खंडहर बनती जा रही है।
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जिले में 87 सरकारी स्कूलों को विभाग की ओर से बंद कर दिया गया। इनमें 72 स्कूलों की इमारतों को जिला प्रशासन ने जिले के विभिन्न विभागों को सौंपा है। उनका रख खाव भी उक्त विभाग ही करेंगे। उक्त स्कूलों के स्टाफ को भी निकटवर्ती स्कूलों में अटैच किया गया है।
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-केवल कृष्ण मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सांबा
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