फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूली बच्चों ने की गणतंत्र दिवस रिहर्सल में भागीदारी

Sun, 25 Jan 2015 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ/महानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
गणतंत्र दिवस की तैयारियों की अंतिम अभ्यास यानी फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन जिलाभर में किया गया।
विज्ञापन


मुख्य कार्यक्रम जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां एडीसी कठुआ प्रसन्ना रामास्वामी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण करने के बाद परेड की सलामी ली।

परेड में पुलिस, सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही स्कूलों की टुकडियों ने हिस्सा लिया। वहीं रंगारंग कार्यक्रम से देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुतियों में युवाओं का उत्साह नजर आया।
विज्ञापन


अपने संबोधन में एडीसी ने कहा कि गणतंत्र दिवस मनाने का मकसद केवल कार्यक्रम प्रस्तुत करना नहीं है, बल्कि इस बात का अहसास है कि देश के नागरिक लोकतंत्र में विश्वास करते हैं।

उन्होंने कहा कि देश में संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। देश भक्ति की भावना को सबके सामने रखा। बच्चों की प्रस्तुतियां देख ऐसा लगा मानों पूरा देश युवा हो गया है।

देश को नई दिशा के लिए बच्चे इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देश भक्ति की भावना में डूब जाना चाहते हैं। कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगान के साथ हुआ।

पूरे कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साथ विभागीय अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

महानपुर में समारोह के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। इस मौके पर तहसीलदार सोहन लाल रैना ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।

वहीं बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांधा। अपने संबोधन में तहसीलदार ने कहा कि इस प्रकार के समारोह देश की एकता और अखंडता को दर्शाते हैं।

युवाओं को देश की व्यवस्था के बारे में पता चलता है। युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए। यदि किसी कारण से वे हिस्सा न भी ले पाएं, तो उन्हें ऐसे कार्यक्रमों को देखने के लिए जरूर आना चाहिए।
विज्ञापन


फुल ड्रेस रिहर्सल में बनी में भी पीछे नहीं रहा। क्षेत्र में पर्व की अंतिम तैयारी को जोर-शोर से पूरा किया गया।

एसडीएम मोहम्मद अनवर वांडे  ने परेड की सलामी ली और स्कूलों बच्चों ने समारोह में रंगारंग प्रस्तुतियों से समा बांधा। सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष करने वाले नाटक भी पेश किए गए।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें