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Jammu News: सुंब ब्लॉक की गाैरन पंचायत में मनरेगा की हाजिरी में फर्जीवाड़ा

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- मनरेगा में गोलमाल : पोर्टल पर अपलोड हाजिरी में चार महिलाओं के नाम, कार्यस्थल की फोटो में एक भी नहीं
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- हाजिरी में हिंदू पुरुषों के नाम और फोटो में अन्य समुदाय के लोग
- संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में मनरेगा में अनियमितताओं की परतें लगातार खुल रही हैं। पटयारी, चचवाल, टपयाल और राजिंदर सिंह पुरा पंचायतों में फर्जी हाजिरी व फोटो अपलोड कर सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों के बाद अब सुंब ब्लॉक की गाैरन पंचायत में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
मनरेगा पोर्टल पर अपलोड रिकॉर्ड के अनुसार गाैरन पंचायत के वार्ड-7 डुलर में भरत सिंह, बाबू सिंह, सोबा सिंह, केशव सिंह व अन्य के खेत की भूमि समतलीकरण का कार्य दिखाया गया है। इस कार्य का वर्क कोड 1418003010/एलडी/8808663849 व एमएसआर नंबर 1247 दर्ज है।
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पोर्टल पर बीते चार फरवरी सुबह 8:44 बजे अपलोड की गई ग्रुप फोटो में केवल पुरुष दिखाई दे रहे हैं जबकि हाजिरी में चार महिलाओं के नाम हैं। इतना ही नहीं, हाजिरी शीट में हिंदू पुरुषों के नाम दर्शाए गए हैं जबकि अपलोड फोटो में अधिकतर गुज्जर समुदाय के लोग नजर आ रहे हैं। इसके अलावा भूमि समतलीकरण कार्य जैसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा और बिना जिओ टैग की फोटो अपलोड की गई है।
इस विरोधाभास से साफ संकेत मिलते हैं कि मौके पर मौजूद लोगों और पोर्टल पर दर्ज श्रमिकों में भारी अंतर है। आरोप है कि कागजों और डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी हाजिरी के जरिये भुगतान का लाभ लेकर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।
मनरेगा में जारी अनियमितताओं को लेकर पहले प्रकाशित खबरों के बाद सामने आए इस नए मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि योजना का लाभ वास्तविक मजदूरों तक पहुंच सके। सरकारी धनराशि का दुरुपयोग न हो।

मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
समाजसेवी संदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरन पंचायत सहित जिले की कई पंचायतों में कागजों और पोर्टल पर अलग-अलग हाजिरी और तस्वीरें अपलोड कर सरकारी सिस्टम को ठेंगा दिखाया जा रहा है। शर्मा ने सवाल उठाया कि जब फोटो में मौजूद लोग और पोर्टल पर दर्ज नाम मेल नहीं खाते तो निगरानी करने वाले अधिकारी क्या कर रहें हैं। उन्होंने प्रशासन और सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा पंचायत सचिव, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।



रिकैप : कहां-कहां सामने आईं गड़बड़ियां

पहले पटयारी पंचायत में फर्जी हाजिरी और फोटो अपलोड का मामला उजागर

इसके बाद चचवाल, टपयाल और राजिंदर सिंह पुरा पंचायत में भी अनियमितताएं

अब सुंब ब्लॉक की गौरन पंचायत में पोर्टल व जमीनी हकीकत में अंतर


मनरेगा में सामने आए मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूरे प्रकरण पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसकी रोजाना निगरानी भी की जा रही है। जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- रफीक अहमद, सहायक आयुक्त विकास, ग्रामीण विकास विभाग


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ऐसे दर्ज कराएं मनरेगा में गड़बड़ी की शिकायत

मनरेगा में किसी भी तरह की अनियमितता या फर्जीवाड़े की शिकायत ग्रामीण सीधे ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में लिखित रूप से कर सकते हैं। डीसी कार्यालय, ग्रामीण विकास विभाग तथा राज्य शिकायत निवारण पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। केंद्र सरकार के जन शिकायत पोर्टल (सीपीग्राम) के माध्यम से भी शिकायत भेजी जा सकती है। शिकायत के साथ फोटो, वीडियो या दस्तावेज संलग्न करने से जांच प्रक्रिया तेज होती है। नियमों के अनुसार तय समय सीमा में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का प्रावधान है।
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