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Jammu News: चचवाल, टपयाल और राजिंदर सिंह पुरा में भी मनरेगा में गड़बड़झाला

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- मनरेगा में गोलमाल : 23 जनवरी को तेज बारिश थी, तीनों पंचायतों में मनरेगा पोर्टल पर मजदूरों की धूप में ग्रुप फोटो और हाजिरी लगी
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विशाल जसरोटिया
सांबा। सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं के खुलासे के बाद अब जिले के अन्य ब्लॉकों में भी गड़बड़ियों के मामले सामने आने लगे हैं। राजपुरा ब्लॉक की चचवाल, घगवाल ब्लॉक की टपयाल और विजयपुर ब्लॉक की राजिंदर सिंह पुरा पंचायत में फर्जी हाजिरी और फोटो अपलोड कर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं।
मामला बीते माह 23 जनवरी का है जब पूरे जम्मू-कश्मीर सहित सांबा जिले में दिनभर तेज बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस दिन धूप तक नहीं निकली। इसके बावजूद तीनों पंचायतों में मनरेगा पोर्टल पर मजदूरों की धूप में ग्रुप फोटो और पूरी उपस्थिति अपलोड कर दी गई। मनरेगा पोर्टल पर अपलोड जानकारी के अनुसार चचवाल पंचायत के वार्ड-1 में बाबा मढ़ तालाब के नवीनीकरण कार्य की फोटो दोपहर 1:52 बजे ली दर्शाई गई जो रात करीब 11:24 बजे पोर्टल पर अपलोड की गई। इसी तरह टपयाल पंचायत में पाटी से बिशनदास के मकान तक बन रहे ट्रैक्टर रोड की सुबह 10:01 बजे की फोटो में भी धूप दिखाई दे रही है। राजिंदर सिंह पुरा पंचायत के बक्करवाल बस्ती वार्ड-2 में रास्ते के निर्माण कार्य में सुबह 8:44 बजे मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई।
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हैरानी की बात यह है कि तीनों पंचायतों में अपलोड की गई कोई भी फोटो जियो टैग नहीं है। न ही कहीं वास्तविक निर्माण कार्य नजर आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के कारण कई जगह काम ठप था लेकिन पुरानी या एडिट की गई तस्वीरों के जरिए फर्जी हाजिरी दर्ज कर लोगों के खातों से सरकारी राशि का लेनदेन किया जा रहा है।
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फर्जीवाड़े की लगातार खुल रहीं परतें
सूत्रों के मुताबिक कुछ पंचायत सचिव पहले से फोटो संग्रहित कर रखते हैं और बाद में इन्हें मनरेगा पोर्टल पर अपलोड कर फर्जीवाड़ा करते हैं। मनरेगा में पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार ने सुबह-शाम हाजिरी और कार्यस्थल की लाइव फोटो अपलोड अनिवार्य की है लेकिन सांबा जिले में सामने आ रहे मामलों से इस व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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शिकायतों की कराई जा रही जांच
ग्रामीण विकास विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर डेवलपमेंट (एसीडी) रफीक अहमद ने बताया कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है। लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से मनरेगा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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