राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की है। कहा है कि प्रशासन ऐसे लोगों के पुनर्वास का हरसंभव प्रयास करेगा। वे एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
कुछ राजनेताओं द्वारा आपरेशन ऑल आउट को रोकने और घाटी में लोगों की मौत की जांच की मांग करने संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपरेशन ऑल आउट जैसा यहां कुछ भी नहीं है। कुछ लोग इस गलत शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि ये बच्चे (आतंकवादी) वापस घर लौटें। हम जो कुछ भी उनके लिए कर सकते हैं, करने के लिए तैयार हैं।
कहा कि जब कोई आतंकवादी कहीं भी गोली चलाता है या विस्फ ोटक फेंकता है तो ऐसा नहीं हो सकता है कि आप गोली चलाएं और हम आपको फू ल और गुलदस्ता भेजें। हमारी तरफ से आपरेशन आल आउट नहीं चलाया जा रहा है।
आतंकवादियों को यह रास्ता छोड़ देना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। राज्य में विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनका प्रशासन इसके लिए तैयार है। जब चुनाव आयोग इसका निर्णय करेगा हम चुनाव कराएंगे।
फारूक रोज कुछ न कुछ करते हैं बयानबाजी
नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान कि राज्य में अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो मौतों के लिए अलग से एक आयोग का गठन किया जाएगा के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि वह रोज कुछ न कुछ बयानबाजी करते रहते हैं। वह एक वरिष्ठ राजनेता हैं। इसलिए उनके बारे में टिप्पणी करना अच्छा नहीं है।
वोट के लिए लोग जा सकते हैं किसी हद तक
मलिक ने कहा कि मुख्यधारा के राजनेताओं की राजनीतिक जरूरतें हैं और हमारे देश में वोट के लिए लोग किसी हद तक जा सकते हैं । कुछ राजनेताओं के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वे सब राजनेता हैं और उनकी राजनीतिक जरूरतें हैं। लोग वोट के लिए इस देश में बहुत दूर जा सकते हैं। वे सबकी जरूरतों का समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं।