पौनी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से बंदराई भारख में शनिवार को सत्संग का आयोजन किया गया। स्वामी सुचेतानंद ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना परमात्मा की प्राप्ति असंभव है।
जडभरत परमात्मा को प्राप्त करने हेतु वन की ओर निकले और गुरु के माध्यम से ही परमात्मा को प्राप्त कर लिया। यदि हम भी जडभरत की भांति उस ईश्वर को प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें भी आवश्यकता है, ऐसे पथप्रदर्शक की, ऐसे गुरु की जो हमारे भी अंतःकरण में उस ईश्वर का साक्षात्कार करा दे। गुरु के बिना कोई भी परमात्मा को प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आज मानव प्रभु को मिलने के लिए तत्पर है लेकिन उसके पास प्रभु प्राप्ति का कोई साधन नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारे समस्त वेद शास्त्र व धार्मिक ग्रंथों में यही लिखा है कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति और ईश्वर का साक्षात्कार करने के लिए पूर्ण गुरु की शरणागति होना पड़ता है। सत्संग के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाया गया। इस दौरान स्वामी अश्विनी, महात्मा गुरप्रीत ने मधुर भजनों का गायन किया।