मशरूम की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को किया जा रहा जागरूक
जिले में लगाए 9 हाइटेक यूनिट, गर्मी-सर्दी के दौरान हो रही पैदावार
सांबा। पंजाब से नकली पनीर आने पर जम्मू-कश्मीर सरकार ने पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको लेकर विवाह शादियों में मशरूम की खपत बढ़ने को लेकर जिला कृषि विभाग की ओर से किसानों को मशरूम की अधिक खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसमें अच्छी कमाई के साथ नकदी फसल है।
कृषि विभाग ने जिले में 9 हाइटेक यूनिट लगाए हैं। इनमें गर्मी सर्दी के दौरान मशरूम की पैदावार की जा रही है। एक शेड में एक हजार बैग मशरूम लगाई जा सकती है, 70 दिनों तक फसल मिलती है। एक बैग में से ढाई से तीन किलोग्राम पैदावार किसान लेता है।
किसान मुकेश कुमार ने बताया कि गत 16 वर्ष से वह मशरूम के कारोबार में लगे हैं। पहले उनके पिता काम करते थे अब उन्होंने संभाल लिया है। उनके अनुसार पहले 100 बैग ही लगते थे। ढाई साल पहले उन्होंने स्वयं ही एक हाई टेक शेड बनाया है। एक साल पहले विभाग की ओर से उन्हें शेड दिया गया है अब दो शैड हैं। उनका अच्छा कारोबार चल रहा है। करथोली के पुशपिंदर सिंह, बलविंदर के अनुसार कि उन्होंने एसी यूनिट लगाए हैं। गर्मी सर्दी में भी वह मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी मशरूम जम्मू के साथ उधमपुर तक जाती है। इस समय बाजार में दाम भी अच्छा मिल रहा है।
हमारे क्षेत्र में दूध की कमी से पनीर पंजाब से ही आता है। ऐसे में नकली पनीर आने से विवाह शादियों में भी अब अधिक मशरूम के इस्तेमाल के बारे में सलाह दे रहे हैं। नकली पनीर आने से अब आम लोग भी पनीर खरीदने से परहेज कर रहे हैं।
राकेश कुमार, हलवाई सांबा
कोट
पिछले साल 7180 क्विंटल का कारोबार हुआ था। इसमें 969.30 लाख का कारोबार हुआ था। इस साल के शुरू में 244.32 क्विंटल मशरूम मंडियों में पहुंच चुकी है। इस साल तीन नए हाईटेक युनिट लगाए गए हैं, जिससे अधिक पैदावार होने की उम्मीद है।
राकेश खजूरिया, मुख्य जिला कृषि अधिकारी सांबा
कोट
विभाग की ओर से भी किसानों को 20 लाख की लागत से 40 प्रतिशत सब्सिडी पर शेड दिया जाता है। इससे मशरूम उत्पादक किसानों को अच्छी आय होगी।
- कुशल सिंह जंवाल, एईए कृषि विभाग सांबा
सांबा। सांबा में मशूरम का कारोबार शुरू करते किसान