सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी वली मोहम्मद उर्फ बिल्ला को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि बरामद नशीला पदार्थ कम मात्रा में है और एफएसएल रिपोर्ट आने तक इसे चिट्टा करार नहीं दिया जा सकता।
पुलिस के मुताबिक 22 अक्टूबर को बाड़ी ब्राह्मणा में नाका के दौरान एक आल्टो कार को रोकने पर दो व्यक्तियों से चिट्टा जैसा पदार्थ मिला था। मसूम अली से करीब 9.18 ग्राम और वली मोहम्मद से 6.62 ग्राम पाउडर जैसी सामग्री बरामद होने का दावा किया गया था। मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया गया था।
अदालत ने माना कि बरामदगी की मात्रा वाणिज्यिक स्तर से काफी कम है और इस स्थिति में एनडीपीएस एक्ट की कठोर धारा लागू नहीं होती। आदेश में कहा गया कि आरोपी 22 दिनों से जेल में है और एफएसएल रिपोर्ट लंबित होने के कारण आगे की हिरासत उचित नहीं लगती।
लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि नशाखोरी समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है इसलिए इस स्तर पर रिहाई गलत संदेश दे सकती है। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि आरोपी हर सुनवाई पर मौजूद रहे और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न करे।