कोर्ट ने माना - गंभीर और जघन्य अपराध, शुरुआती चरण में जमानत उचित नहीं
सांबा। अतिरिक्त मुंसिफ जेएमआईसी सांबा कोर्ट ने गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को आग लगाने के मामले में गिरफ्तार मनजीत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और इस चरण पर जमानत देना न्याय के खिलाफ होगा।
मामले में शिकायत 8 अक्टूबर को सरपंच जसबीर सिंह ने दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया कि 7 और 8 अक्टूबर की रात मनजीत सिंह ने गांव कौलपुर में गुरु ग्रंथ साहिब के छह स्वरूपों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। पुलिस ने मौके से जले हुए स्वरूप, ज्वलनशील पदार्थ के अवशेष और अन्य सैंपल जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। रामगढ़ पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था जिसे बाद में जम्मू के नगरोटा से गिरफ्तार किया गया। अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार भी किया है। कई गवाहों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं।
सरकारी पक्ष ने अदालत में जमानत का विरोध किया और कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी इसी तरह के गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें उधमपुर के चनैनी थाने का एक मामला भी शामिल है। ऐसे अपराधों में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को जमानत देने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और जांच पर असर पड़ेगा।
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ मामला बनता है। मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और गलत संदेश दे सकते हैं। अदालत ने माना कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।