30 हजार रुपये के जमानती बांड पर रिहाई, कोर्ट ने जांच में सहयोग का दिया निर्देश
सांबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने हिंसा, पशु तस्करी और जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी मुरीद अहमद पुत्र शाह मोहम्मद, निवासी मनोहर गोपाला सांबा को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है। अदालत ने अभियुक्त को 30 हजार के जमानती बांड और समान राशि के व्यक्तिगत बांड पर रिहा करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश शर्मा की अदालत में हुई।
यह मामला वर्ष 2024 में सांबा थाना अधिकार क्षेत्र से संबंधित है जिसमें मुरीद अहमद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता विजय वर्मा ने दलील दी कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और पुलिस ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उसे न्यायिक सहानुभूति देते हुए जमानत दी जाए।
वहीं, सरकारी पक्ष की ओर से एलडी एपीपी रविंदर कुमार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त के खिलाफ गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जमानत मिलने पर अभियुक्त गवाहों को प्रभावित कर जांच को बाधित कर सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि भले ही आरोप गंभीर हैं लेकिन जांच एजेंसी को पर्याप्त समय मिल चुका है और अभियुक्त की लगातार हिरासत अब आवश्यक नहीं है। अदालत ने माना कि अभियोजन की ओर से जताई गई आशंकाओं के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने अभियुक्त से जांच में पूर्ण सहयोग करने और किसी भी गवाह या साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करने की शर्त रखी है।