अदालत ने कहा - अपराध गंभीर, पीड़िता अब तक बरामद नहीं
सांबा। सांबा की अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़े गंभीर मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मामला अत्यंत संवेदनशील है, जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है और पीड़िता की बरामदगी अब तक नहीं हुई है। इसलिए इस समय आरोपी को जमानत देना न्यायहित में उचित नहीं होगा।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट राशि वर्मा की अदालत में हुई। आरोपी जगदीश कुमार पुत्र जिंदर पाल निवासी परंगोली तहसील डिंगा अंब जिला कठुआ ने जमानत के लिए आवेदन दायर किया था। मामले के अनुसार 14 सितंबर 2025 को बशीर अली निवासी सुंखल, तहसील डिंगा अंब जिला कठुआ ने पुलिस स्टेशन विजयपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी रोशन बीबी का 13 सितंबर की रात को राकेश कुमार उर्फ टोनी और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी पिछले कई महीनों से परिवार को धमका रहा था और बेटी के अपहरण की धमकी भी दे चुका था।
पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अमृत सिंह, जगदीश कुमार, विक्रम कुमार और मनोज राज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक ऑटो लोड कैरियर और एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया जिनसे पीड़िता को ले जाने की बात सामने आई है। मामला कोर्ट के विचार में लाया गया।
बचाव पक्ष की तरफ से दलील में जमानत की अपील की गई जबकि शासकीय अधिवक्ता ने अपराध को गंभीर और जघन्य प्रकृति का बताकर जमानत का विरोध किया। अधिवक्ता ने कहा कि हिस्ट्री शीटर मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ टोनी अब तक फरार है और पीड़िता की बरामदगी भी नहीं हुई है। लिहाजा आरोपी को जमानत न दी जाए। अदालत ने पाया कि अपराध गंभीर प्रकृति का है और जांच के इस चरण में जमानत देना उचित नहीं। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी को इस स्तर पर जमानत दी जाती है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया।