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लश्कर के आतंकियों का वेतन जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Sat, 06 Aug 2016 11:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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आतंकवादी - फोटो : Demo Pic.
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आतंकी संगठनों ने कश्मीरी युवकों की भर्ती का अभियान भी नए सिरे से शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले पुख्ता इनपुट ने आतंकी बनने के लिए कश्मीरी युवाओं को अच्छे खासे वेतन का प्रलोभन दिया है।
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आतंकी तंजीम का हिस्सा बनने के इच्छुक युवाओं को पचास हजार रुपये का मासिक वेतन और एक एके 47 रायफल जारी किया जाएगा। स्थानीय आतंकियों की भर्ती में बुरहान ने सफलता हासिल की थी। उसकी मौत के बाद के हालात में आतंकी संगठन इस मंसूबे को आगे बढ़ाने में लग गए हैं।

वहीं पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों का विरोध कर रहे उपद्रवियों में अपने कुछ प्रशिक्षित आतंकियों को शामिल करा दिया है। 
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स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश

घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम - फोटो : PTI
सेना के पास पुख्ता इनपुट है कि घाटी में स्वतंत्रता दिवस से पहले लश्कर उपद्रवियों की आड़ में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। कुलगाम रैली में दो लश्कर आतंकियों की सार्वजनिक रूप से शिरकत के बाद सेना और सुरक्षा बलों ने हालात की समीक्षा की है।

सेना के उत्तरी कमान के कमांडर डी एस हुड्डा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बैठक में आतंकियों और उपद्रवियों पर कार्रवाई के तरीके की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई है। हुड्डा की इस बाबत सीआरपीएफ के उच्चाधिकारियों से भी बातचीत हुई है। 

सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आतंकी संगठन कश्मीर में सुरक्षा बलों के खिलाफ जारी हिंसा के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल होकर कश्मीरियों का समर्थन जुटाने की भी कोशिश कर रहे हैं। आतंकी संगठनों ने कश्मीरी युवकों की भर्ती का अभियान भी नए सिरे से शुरू किया है जिसमें युवकों को 50 हजार रुपये के मासिक वेतन और ए के 47 रायफल देने की पेशकश की जा रही है।

बार्डर और एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकियों की घुसपैठ कराने की भी कोशिश हो सकती है। सेना और सुरक्षा बलों के पास ऐसे इनपुट हैं। लिहाजा बार्डर और एलओसी पर चौकसी बढ़ाई गई है।
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सीजफायर उल्लंघन पर पाक को द‌िया जाएगा कड़ा जवाब

घाटी में ह‌िंसा के बाद कड़ा पहरा - फोटो : PTI
आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में फैली हिंसा के विरोध में पेलेट गन इस्तेमाल के विवाद के मद्देनजर केंद्र और रियासत सरकार ने उपद्रवियों से नरमी से निपटने की रणनीति पर अमल शुरू किया। लेकिन इससे लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों को पैर पसारने का मौका मिला है।

लिहाजा उत्तरी कमान के कमांडर हुड्डा और महबूबा मुफ्ती की मुलाकात में रणनीति पर पुनर्विचार किया गया। नई रणनीति के तहत बार्डर और एलओसी पर सख्ती से घुसपैठ को रोकने की कोशिश होगी और सीजफायर की स्थिति में पाकिस्तान को माकूल जवाब दिया जाएगा।

फिलहाल उपद्रवियों से अधिक सख्ती नहीं की जाएगी लेकिन आतंकियों की तलाश जारी रहेगी। स्थानीय आतंकियों के बजाय पाकिस्तानी आतंकियों को निशाना बनाने की रणनीति पर अमल करने की योजना है। 
 
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