हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुदीन ने अपने एक बयान में कहा कि वह अपने परिवार की मदद के लिए कश्मीर मसले के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता। यह बयान एनआईए द्वारा उसके पुत्र की गिरफ्तारी के बाद आया है। वहीं हुर्रियत द्वारा भी एक बयान सामने आया है, जिसमें कहा है कि दुनिया की कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर का विलय भारत के साथ नहीं करवा सकती।
कथित फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा उसके बेटे शाहिद यूसुफ की गिरफ्तारी पर पाकिस्तान में बैठे हिज्ब का सरगना सैयद सलाहुदीन ने कहा कि 28 साल पहले जब उसने इस रास्ते को चुना था, तब से उसने अपने परिवार को त्याग दिया था, उन्हें पीछे छोड़ दिया था। उसकी बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में कोई भूमिका नहीं है। सलाहुदीन के अनुसार जब से वह इस राह पर है, तबसे उसके परिवार को ऐसी चीज़ों का सामना करना पड़ा है और उनकी मदद के लिए वह अपने मिशन को अधूरा नहीं छोड़ सकता।
उधर, हुर्रियत (जी) ने कहा है कि धरती पर कोई शक्ति भारत के साथ जम्मू-कश्मीर का विलय नहीं करवा सकती है। अपने बयान में कहा कि 1947 से भारतीय सरकार और उनकी कठपुतलियों ने सैन्य दमन के बावजूद हमें तोड़ नहीं पाई है, क्योंकि राज्य के लोग प्रतिबद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह के बयान कि कोई भी शक्ति भारत से कश्मीर को अलग नहीं कर सकती, इस पर हुर्रियत ने कहा है कि राज्य के लोग आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, जिसके लिए हमारे युवाओं ने अपना बलिदान दिया है। यह भी कहा कि सैन्य शक्ति के साथ वे तबाही और विनाश का शिकार बना सकते हैं, लोगों को कैद कर सकते हैं। हालांकि, इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जम्मू-कश्मीर को विवादित स्थिति की मान्यता दी है।