संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं घरेलू हिंसा का अधिक शिकार हो रही हैं। महिला थाना गांधीनगर के आंकड़ों में यह चौंका देने वाला तथ्य सामने आया है। इस थाने में पिछले तीन वर्षों में अब तक घरेलू हिंसा के 2683 मामले पहुंचे।
इन मामलों में करीब 75 प्रतिशत मामले ग्रामीण क्षेत्र हैं। इसका बड़ा कारण ग्रामीण महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी होना है। इसके लिए सामाजिक कुरीतियों एवं पुरुष प्रधान रूढ़िवादी सोच को दूर करने के साथ ही महिला साक्षरता बढ़ाने की जरूरत है।
गांधीनगर महिला पुलिस थाने की एसएचओ आरती ठाकुर ने दावा किया कुल मामलों में से 2411 सुलझा लिए गए हैं। उनके मुताबिक आरएसपुरा, बिश्नाह व अखनूर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में घरेलू हिंसा के मामले आ रहे हैं।
अधिकांश मामलों में देखा गया कि पीड़िता को उसके अधिकारों के बारे में पता नहीं था। इसके चलते महिलाएं मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख पातीं।
हालांकि, शहरों से भी ऐसे मामले आ रहे हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में यह एक-तिहाई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कोशिश कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाकर महिलाओं को कानूनी अधिकारों के बारे में बताया जाए ताकि प्राथमिकता स्तर पर ऐसे में मामलों में गिरावट आए।