जीएसटी पर आज से शुरू हुआ विधानसभा का विशेष सत्र उम्मीद के मुताबिक हंगामेदार ही रहा। हंगामे को देखते हुए दोपहर अढ़ाई बजे तक सदन स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते दिन ही विपक्षी दलों नेकां तथा कांग्रेस की ओर से बिल को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार न किए जाने की घोषणा से माना जा रहा है कि इसको लेकर सदन में हंगामा होगा। विशेष सत्र आठ जुलाई तक चलना है। भाजपा ने जीएसटी को जल्द से जल्द लागू करने के लिए पीडीपी पर दबाव बनाया है।
मार्शल और विधायक ईआर रशीद के बीच हुई झड़प के बाद सदन का कार्रवाई को 2.30 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सदन में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने जीएसटी का विरोध करते हुए कहा वो किसी भी सूरत में राज्य में इसे लागू नहीं होने देंगे।
वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने सोमवार को भाजपा के एमएलए तथा एमएलसी को बिल की बारीकियों की जानकारी दी। पीडीपी सदस्यों को वह पहले ही इसके बारे में जानकारी दे चुके हैं। विधानसभा का सत्र चार, पांच, सात तथा आठ जुलाई को चलना है। छह जुलाई को अवकाश रहेगा। विधान परिषद में आठ जुलाई तक चलने वाले सत्र में छह तथा सात जुलाई को अवकाश रहेगा। सूत्रों का कहना है कि हंगामे को देखते हुए पत्रकारों के कैमरा तथा मोबाइल फोन लेकर जाने पर रोक रहेगी।
रियासत में जीएसटी को लागू करने के लिए रियासती सरकार की ओर से कई बार कोशिशें की गईं। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। सरकार ने इस पर चर्चा कर सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय सलाहकार ग्रुप का गठन किया। इसकी दो बैठकें हुईं, लेकिन एक राय नहीं बन पाई। भाजपा की ओर से लगातार एक जुलाई से जीएसटी लागू करने के लिए दबाव डाला जाता रहा। इसके साथ ही जम्मू संभाग के कारोबारियों की ओर से भी जीएसटी के पक्ष में आवाज बुलंद की गई।