मुफ्ती मोहम्मद सईद, रूबिया सईद
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बहुचर्चित रूबिया सईद अपहरण और एयरफोर्स कर्मियों की हत्या के मामले में 30 वर्ष बाद टाडा कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई। कोर्ट ने टाडा कोर्ट के पीओ सुभाष सी गुप्ता ने जेल अथॉरिटी को आरोपी यासीन मलिक और शौकत अहमद बख्शी को आगामी सुनवाई 24 फरवरी को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से यह संभव न हो तो अगली सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई जाए। मसले में पुलिस स्टेशन सदर श्रीनगर में शिकायत के बाद मामला 8 दिसंबर 1989 में दर्ज किया गया था। मामला अंडर सेक्शन 364, 368 आरपीसी सेक्शन 3(1) टेररिस्ट एंड डिस्क्रिप्टिव एक्टिविटीज एक्ट और 25 इंडियन आर्म एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
डॉ. रूबिया सईद निवासी नौवग्रां बस में श्रीनगर अस्पताल से नौवग्रां आ रही थीं। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। सीबीआई ने 18 दिसंबर 1990 में अंडर सेक्शन 120 बी और सेक्शन 364, 368, 109 और 34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज किया। इस पर कोर्ट ट्रायल 25 अक्तूबर 2008 को चला। इसके बाद पांच एयरफोर्स कर्मियों को मारने पर भी एफआईआर दर्ज की गई। मामला अंडर सेक्शन 302, 307 आरपीसी के तहत 25 जनवरी 1990 को दर्ज किया गया।
शिकायत थी कि अज्ञात आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है। एयरफोर्स कर्मी एक निजी घर में थे। एयर फोर्स अधिकारियों के वाहन गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात आतंकवादियों ने उन फर फायरिंग कर दी। इसमें 40 एयरफोर्स कर्मी और महिला गंभीर रूप से घायल हुई। दो की मौके पर मौत हुई थी।