आपको बता दें कि गुरुवार से पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग की जा रही है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कठुआ के हीरानगर से लेकर एलओसी पर पुंछ तक पाकिस्तान ने गोले बरसाए। इस गोलीबारी में बीएसएफ और सेना के दो जवान शहीद हो गए।
जबकि दो नागरिकों की मौत हो गई और दो बीएसएफ जवानों समेत 35 लोग जख्मी हो गए। 20 हजार से अधिक लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। 200 से ज्यादा मकानों को क्षति पहुंची है। भारत की करीब 40 चौकियों को निशाना बनाकर पाक ने गोले दागे हैं।
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पाकिस्तान ने एक साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़, अरनिया, आरएस पुरा सेक्टर में गोलाबारी शुरू हुई थी। कुछ ही देर बाद कठुआ के हीरानगर में गोलाबारी शुरू हो गई। शाम होते-होते एलओसी पर ज्यौड़ियां, नौशेरा और पुंछ में भी गोलाबारी शुरू हो गई।
गोलाबारी में मरने तथा घायल होने वालों के परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि केंद्र सरकार ने बढ़ा दी है। अब मृतकों के परिवार को पांच लाख रुपये मिलेंगे। मामूली रूप से घायलों को पांच लाख तथा अपंगता की स्थिति में 75 हजार रुपये मिलेंगे।
मकानों को पहुंचे नुकसान का 50 फीसदी जो अधिकतम एक लाख रुपये होगा। गाय तथा बैल के मारे जाने पर 30 हजार, घोड़े के लिए 25 हजार तथा बकरी व भेड़ के लिए तीन हजार रुपये मिलेंगे। उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने अनुग्रह राशि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया है।
जम्मू के 66 गांव गोलाबारी से प्रभावित
जम्मू प्रशासन की ओर से 18 एवं 19 जनवरी की तैयार रिपोर्ट के अनुसार अरनिया तथा सुचेतगढ़ तहसील से 36 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर गए हैं। इनमें अरनिया तहसील के 31 हजार लोग हैं।
सुचेतगढ़ के 700 लोग कैंपों में रह रहे हैं। अरनिया, सुचेतगढ़ तथा मढ़ तहसील के 162 गांवों में 66 गांव गोलाबारी से प्रभावित हैं। इन तीनों गांवों की आबादी 127053 है जिसमें 36 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर गए हैं। 131 मवेशी मारे गए हैं।