वर्ष 2009 में जम्मू के शास्त्री नगर में नेशनल कांफ्रेंस की पूर्व विधायक दीपिंदर कौर के बेटे अमनदीप हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे रॉयल सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने याचिकाकर्ता रॉयल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले के नियम-शर्तो के साथ जमानत दे दी। हालांकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने जमानत का विरोध किया परंतु पीठ ने कहा कि दोषी रॉयल सिंह को पहले ही 12 साल की लंबी कैद हो चुकी है और निकट भविष्य में उसकी ओर से फैसले के खिलाफ अपील के आने की संभावना नहीं है।
हम यहां याचिकाकर्ता को जमानत देना उचित समझते हैं। इस पीठ में जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली भी शामिल हैं। वर्ष 2009 में नेशनल कांफ्रेंस की पूर्व विधायक दीपिंदर कौर के बेटे अमनदीपकी जम्मू के शास्त्री नगर में घर के बाहर गोली मारकर की गई थी हत्या।
एक स्थानीय अदालत ने वर्ष अगस्त 2020 में घटना के 11 साल बाद दो पुलिस अधिकारियों तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मनोहर सिंह और गांधी नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुल्तान मिर्जा को बरी कर दिया था। इन दोनों पर कथित रूप से हत्या के मामले में सबूतों के साथ हेराफेरी करने का आरोप शामिल था। तीसरे पुलिसकर्मी सब-इंस्पेक्टर सतनाम सिंह जिनकी सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी उन्हें बरी कर दिया गया था।
नागो सिंह का बेटा था मुख्य आरोपी
इस मामले में सरकारी ठेकेदार चौधरी नागर सिंह उर्फ नागो का बेटा जतिंदर सिंह उर्फ राजा मुख्य आरोपी था। अदालत ने राजा और रॉयल सिंह को हत्या का दोषी ठहराया था। वर्ष 2017 में राजा की उधमपुर जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वहीं कोर्ट ने रॉयल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।