जम्मू। जम्मू में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए जीएमसी में 19 अप्रैल से इलेक्टिव सर्जरी (सामान्य) को बंद कर दिया जाएगा। कोविड परिस्थितियों को देखते हुए अस्पताल में सिर्फ आपात और अनकोलाजी (कैंसर) सर्जरी ही की जाएंगी। अस्पताल में भीड़ को कम करने के लिए दैनिक आधार पर फोन अनुमति के माध्यम से सिर्फ 50 मरीजों को ही देखा जाएगा। इसके लिए मोबाइल नंबर जारी किए जाएंगे।
पूर्व के शेड्यूल के मुताबिक मरीजों के लिए टेलिमेडिसिन सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। जीएमसी में प्रिंसिपल डॉ. शशिसूदन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह अहम फैसले लिए गए। बैठक में विभागीय अध्यक्षों को बताया गया कि कोविड वार्ड और क्षेत्रों के विस्तार के लिए अतिरिक्त ढांचे और कर्मियों की जरूरत है। इसके लिए ओपीडी और सर्जरी में कटौती करना जरूरी है। नई व्यवस्थाओं में आपात सेवाओं को बाहर रखा जाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि पूर्व की कोविड-19 एसओपी और गाइडलाइन को सख्ती से पालन किया जाएगा। पूर्व की तरह कोविड मामलों को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से कोरोना क्षेत्रों को पुन नोटिफाइड किया जाएगा। अस्पताल में तीमारदारों और सामान्य मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। वार्ड 7 के कोरोना वार्ड में दोबारा नोटिफाइड होने के बाद आपथामोलॉजी वार्ड 10 में 32 बेड पर मरीजों को सर्जरी की सुविधा दी जाएगी।
डॉ. नूर अली को सर्जरी का एचओडी बनाया
जम्मू। कार्डियो वैसकुलर थैरासिक सर्जरी जीएमसी के प्रोफेसर व एचओडी को सर्जरी विभाग के एचओडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. नसीब डिंगरा के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली चल रहा था। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंडर सचिव नासिर बिलाल शाह की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।