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सपना बनकर रह जाएगी 'ट्रेन टू कश्मीर'

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दिल्ली मेट्रो के आर्किटैक्ट ई श्रीधरण के द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पर अगर केंद्रीय रेल मंत्रालय की सहमति बनी और उस पर अंतरिम मुहर लगा जाती है तो आने वाले दिनों में कटड़ा-श्रीनगर-बनिहाल रेल लिंक परियोजना के रूट में बदलाव कर दिया जाएगा। इससे रियासत और रियासी के साथ ही इसके दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए ट्रेन टू कश्मीर एक सपने की तरह रह जाएगी।
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रिपोर्ट के अनुसार 21 हजार करोड़ रुपयों की लागत से तैयार होने वाली इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के रूट में अगर बदलाव किया जाता है तो इसको 11 हजार करोड़ रुपये में ही पूरा किया जा सकता है। इसका रूट भी 126 किलोमीटर से घटकर लगभग 70 किलोमीटर रह जाएगा। इसके अलावा बनने वाले टनलों और पुलों की संख्या भी काफी कमी हो जाएगी।

गौरतलब है कि इस परियोजना के तहत जिले का काफी सारा क्षेत्र आया है। खास कर कटड़ा से आगे भागा, अंजी नाला, ग्रां बरयोतरा, बक्कल, कौड़ी, जुड्डा के अलावा दर्जन भर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से रेल लिंक परियोजना बनाया जाना है।
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...तो नहीं बन पाएगा रेलवे स्टेशन

इसके तहत कई संपर्क मार्ग बनाया जा चुका है। यहां तक कि ग्रा बरयोतरा और अंजी नाला को मिलाने के लिए टनल नंबर तीन को भी आर-पार कर दिया गया है। यह वहीं विश्व का सबसे ऊंचाई वाला रेलवे ब्रिज कौड़ी और बक्कल क्षेत्र को जोड़ेगा। इसके बनने पर भी अब संशय की स्थिति हो गई है जो कि जमीनी सतह से 359 मीटर ऊंचा बनाया जाना था।

लेकिन अब उसकी ऊंचाई 120 मीटर रह जाएगी जो नयी अलाइनमेंट के मुताबिक जिला रामबन में बनेगा। खबरों के अनुसार अलाइनमेंट में बदलाव लाया जाता है तो जिले के इन हिस्सों में लगा हुआ रेलवे का काम तो बंद होगा ही जिले में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं बन पाएगा।

जबकि पुरानी अलाइनमेंट के अनुसार इस पर आठ रेलवे स्टेशन बनने थे इसके अलावा पूरे क्षेत्र में एक हजार के करीब परिवारों पर बेरोजगारी की पड़ जाएगी जो कि रेलवे का काम करने के लिए आई प्राइवेट कंपनियों के साथ किसी न किसी प्रकार जुड़े हैं।
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