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Jammu News: आंधी में उड़ गईं छतें, युवती पर गिरा पेड़, मौत

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आंधी में उड़ गईं छतें।
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श्रीनगर। रविवार रात आई आंधी ने श्रीनगर से लेकर शोपियां, बडगाम, पंपोर सहित कश्मीर के कई इलाकों में तबाही मचाई। कुछ मकानों की छतें उड़ गईं तो कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। आंधी से देवदार का पेड़ गिरने से सो रही एक युवती की मौत हो गई, जबकि उसके पिता घायल हो गए। वहीं, कश्मीर के बहुत से इलाकों में रातभर बिजली गायब रही। लोगों ने जागकर रात बिताई। बिजली गुल रहने से पानी भी नहीं आया और लोगों ने रखे हुए पानी से काम चलाया।
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दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केलर इलाके में गद्दर चौवन वन क्षेत्र में रविवार रात आंधी से बड़ा हादसा हो गया। आंधी से एक पुराना देवदार का पेड़ टेंट पर गिर गया। टेंट के अंदर रियाज अहमद बकरवाल और उनका परिवार सो रहा था। हादसे में रियाज अहमद की बेटी सोबी रियाज की मौके पर ही मौत हो गई। रियाज गंभीर रूप से घायल हो गए।

दूसरी तरफ, आंधी से पियां में 20 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। किसी की छत उड़ गई तो किसी को थोड़ा-बहुत ही नुकसान पहुंचा है। आंधी के कारण गिरे खंभों की वजह से यहां कई इलाकों में रातभर बिजली गायब रही।
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बडगाम में तबाही, कई घर क्षतिग्रस्त

बडगाम जिले के कई इलाकों में रविवार रात को आई आंधी ने काफी तबाही मचाई है। इससे आवासीय संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सुंडीपोरा, पटवा, गोजरा और आसपास के अन्य गांवों में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक घंटे से अधिक समय तक चले तूफान ने कई जगहों पर पेड़ों को उखाड़ दिया, छतों को उड़ा दिया और चहारदीवारी ढह गई। सुडीपोरा के एजाज अहमद ने बताया कि आंधी बहुत तेज थी, जिसने काफी नुकसान पहुंचाया है। कई परिवार बेघर हो गए हैं, क्योंकि उनके घरों को आंशिक या पूर्ण नुकसान पहुंचा है। हमारे घर की छत उड़ गई और दीवारें ढह गईं। हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है।
यहां के लोगों ने कहा कि हमें तत्काल मदद की जरूरत है, क्योंकि हमारा सामान मलबे में दबा हुआ है। जिला प्रशासन से तत्काल राहत, अस्थायी आश्रय और पुनर्निर्माण सहायता की अपील की गई है।



कदलाबल में 500 साल पुराना पेड़ धराशायी

पंपोर के कदलाबल में विशाल प्रहरी के रूप में खड़ा सदियों पुराना चिनार का पेड़, जिसे पीढ़ियों से क्षेत्र में सैयद साहब के रूप में जाना जाता था, आंधी से उखड़ गया। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार चिनार के पेड़ की आयु 500 वर्ष से अधिक है।
रातभर उड़ी रही बिजली, सुबह डीसी ने किया निरीक्षण






रविवार रात आई आधी ने कश्मीर के अधिकतर क्षेत्रों की बिजली उड़ा दी। श्रीनगर में ही लाेग रातभर बिजली न आने से परेशान रहे, सुबह डीसी श्रीनगर ने विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। शाम 4 बजे श्रीनगर की विद्युत पूरी तरह बहाल हो पाई। वहीं दूसरी ओर घाटी के कई हिस्सों में बिजली दोपहर तक भी शुरू नहीं हो पाई थी। कर्मी व्यवस्था बहाल करने में लगे थे।
शोपियां, बडगाम, कुलगाम, पहलगाम, कुपवाड़ा आदि क्षेत्रों में बिजली की समस्या अधिक रही। स्थानीय लोगों के अनुसार रात को आंधी के साथ ही बिजली चली गई। सुबह तक अंधेरे में बैठे रहे। गर्मी के कारण नींद भी नहीं आई। सुबह पहता लगा कि कई मकानों की छत, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। अधिकारियों से पता लगा कि विद्युत व्यवस्था बहाल करने का प्रयास चल रहा है। जल्द ही परेशानी से निजात मिलेगी। सोमवार दोपहर तक कई जगह बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।

वहीं, डिप्टी कमिश्नर (डीसी) श्रीनगर, डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट ने एडीसी श्रीनगर के साथ बेमिना में पावर ग्रिड स्टेशन का निरीक्षण किया, ताकि स्थिति और बिजली बहाली के प्रयासों का आकलन किया जा सके। सुबह उन्होंने बताया कि अभी तक, 93 प्रतिशत बिजली फीडर बहाल हो चुके हैं। वहीं शाम करीब 4 बजे श्रीनगर की बिजली बहाल की जा सकी।

पानी भी नहीं आया, रखे हुए पानी से चलाया काम
रविवार रात को बिजली गई तो सुबह तक नहीं आई। सुबह पानी की सप्लाई के समय बिजली नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर पानी चढ़ाया नहीं जा सका, जिसकी वजह से काफी घरों के लोगों को स्टॉक से ही काम चलाना पड़ा। शाम के समय आपूर्ति ठीक हुई, जिसके बाद लोगों की परेशानी खत्म हुई।
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