भारतीय सेना की रोमियो फोर्स राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन ने जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के तापा पीर और मन्याल गांव के डीकेजी देहरा की गली में स्थानीय लोगों के साथ दिवाली मनाई। रोमियो फोर्स आरआर बटालियन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित ग्रामीणों ने हिस्सेदारी ली। सैनिकों ने ग्रामीणों को मिठाइयां बांटीं और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की। दिवाली के अवसर पर गांव में सोलर लाइटें लगाई गईं जिससे घर और गलियाँ रोशन हो गईं।
एक सैनिक ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि हमें देश की सेवा करने और लोगों के लिए खुशी लाने पर गर्व है। दिवाली आशा और एकता का प्रतीक है। वहीं स्थानीय निवासी ने कहा कि हम अपने गांवों में रोशनी और खुशी लाने के लिए भारतीय सेना के आभारी हैं। इससे पहले दिन में, रोमियो फोर्स के जवानों ने अपने घरों से दूर पीर पंजाल रेंज के पहाड़ी इलाकों में 8,000 फीट की ऊंचाई पर दिवाली मनाई।
तनाव किसी के लिए भी अच्छा नहीं है- अनिल गौड़
दिवाली के अवसर पर चुशुल-मोल्दो सीमा मिलन बिंदु पर भारतीय और चीनी सेना के सैनिकों द्वारा मिठाइयों का आदान-प्रदान करने पर रक्षा विशेषज्ञ, कैप्टन (सेवानिवृत्त) अनिल गौड़ ने कहा कि भारत और चीन के बीच समझौता बहुत अच्छा है। चीन ने सभी अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया है यह एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। दोनों देशों के बीच तनाव किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। मिठाइयों का आदान-प्रदान दोनों देशों के लोगों को एक सकारात्मक संदेश देता है।
खुफिया जानकारी बहुत मजबूत होनी चाहिए
वहीं इसी मामले को लेकर रक्षा विशेषज्ञ प्रफुल बख्शी ने कहा कि यह बहुत ही सकारात्मक कदम है क्योंकि सीमा पर तनाव कम हो रहा है। चीन के साथ हमारी लद्दाख सीमा पर सैनिकों की वापसी हो रही है। मिठाइयों का आदान-प्रदान भारतीय सभ्यता के उच्च मूल्य को दर्शाता है, हमें देखना होगा कि जब गश्त होती है तो क्या होता है और चीनी कितने गंभीर हैं। हमारी खुफिया जानकारी बहुत मजबूत होनी चाहिए और हमें पहले से ही पता लगाना चाहिए कि वे क्या सोच रहे हैं।