रोहिंग्या की झुग्गियों से 29 लाख रुपये बरामद करने के बाद पुलिस को जांच के लिए अगली कड़ी मिलना मुश्किल हो गई है। पकड़े गए रोहिंग्याओं ने बताया कि उन्हें दो बांग्लादेशियों ने बैग दिए थे। इनमें क्या था, यह उन्हें नहीं पता और अब उनके फोन भी बंद हैं।
रोहिग्याओं से 29 लाख रुपये बरामद किए जाने के बाद संभावना जताई जा रही है कि बांग्लादेश का आतंकी नेटवर्क भी जम्मू कश्मीर के आतंकियों को फंडिंग करने के लिए सक्रिय हो गया है। जो जम्मू कश्मीर के आतंकियों को फंडिंग कर रहा है। मादक पदार्थ, टेरर फंडिंग और आतंकी संगठनों के अचानक सक्रिय होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सक्रिय हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी संगठन किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इसकी सूचना भी सुरक्षा एजेंसियों के पास है। सीमा पार से अलकायदा समर्थित अंसार गजवत उल हिंद के जाकिर मूसा का आतंकी नेटवर्क, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तोयबा आतंकी संगठन पूरी तरह से राज्य में सक्रिय हो गए हैं।
रोहिंग्याओं से पकड़े गए रुपयों को भी इसी कड़ी का पार्ट माना जा रहा है। कई रोहिंग्याओं की बस्तियां भी जम्मू कश्मीर में बस चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी जम्मू कश्मीर में रोहिंग्या को देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती मान रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह भी संभावना जताई जा रही है कि मादक पदार्थों की तस्करी से भी इस रुपयों को लाया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और जल्द ही कोई बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।