सैलो पिक्कड़ पंचायत में स्थित एक स्कूल पर सड़क का मलबा गिरने से स्कूल की इमारत में दरार आ गई है। इसके चलते अभिभावकों को हर समय बच्चों की चिंता सताती रहती है।
पहाड़ी और दूरदराज पंचायत सैलो-पिक्कड़ के प्राइमरी स्कूल की खस्ताहाल के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूल भवन की हालत अत्यंत जर्जर है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है।
सरपंच जरनैल सिंह, गुड्डू सिंह, दीवान चंद, ठाकुर दास, कृष्णचंद आदि ने बताया कि स्कूल के ऊपर पहाड़ी पर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क का मलबा स्कूल पर गिरने से उसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं।
अभिभावकों को हर समय यह चिंता सताती रहती है कि कब कोई पत्थर उनको बच्चों को जख्मी कर जाए। सरपंच ने बताया कि एक तो शिक्षा विभाग ने स्कूल के लिए सिर्फ एक कमरा और बरामदा दिया है और वह भी बेहद जर्जर है।
विभाग बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में स्कूल में 35 बच्चे पढ़ते हैं। आसपास और कोई विकल्प न मौजूद होने से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।
वे हर दिन जीवन का खतरा मोल लेकर स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शीघ्र स्कूल भवन की मरम्मत नहीं की गई या नई इमारत नहीं मुहैया करवाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।