सांबा के औद्योगिक क्षेत्र में जलमग्न सडकों से गुजरते वाहन
- फोटो : संस्थान
सोमवार की रात से जारी मूसलाधार बारिश से जिलेभर के नदी-नाले उफान पर हैं। कई गावों में पानी घुसने से हाहाकार मच गया है। घरों में कमर तक पानी भरने से घरेलू सामान नष्ट हो गया। मंडी संगवाली में दो मकान गिर गए। बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि कहीं पुलिस तो कहीं सेना को लोगों को बचाने के लिए आगे आना पड़ा।
भारी बारिश के चलते मंडी संगवाली में दो मकान धराशायी हो गए। पलूरा में तीन घरों के पलेंथ को नुकसान पहुंचा है। बबर नाले में आई बाढ़ में एक परिवार फंस गया। सूचना के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर की मदद से उन्हें बाहर निकाला। मनोहर गोपाला में गुर्जर समुदाय के चार परिवारों को घरों से निकाला गया। पहाड़ी पंचायत आमली में गुर्जर समुदाय के तीन सदस्य पानी में फंस गए तो उन्हें सेना के चापर द्वारा बाहर निकाला गया।
राजपुरा की बस्ती निवासी मदन लाल, पोली देवी, गीता देवी, निम्मी देवी, गोपाल दास, जगदीश राज ने बताया कि उनकी बस्ती में बनाए गए नाले से जल निकासी नहीं होने से पानी उन के घरों में घुस गया, जिससे घरेलू सामान नष्ट हो गया। उधर राजपुरा-घगवाल मार्ग पर आधा दर्जन घरों में पानी घुस गया। गलियां तालाब बन गईं। राजपुरा में विद्युत पावर हाउस में दो फुट तक पानी भर गया, जिससे बीती रात से ही क्षेत्र में बिजली गुल है। मंगलवार शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी।
डीडीसी सदस्य आशा रानी व तहसीलदार कर्ण जीत सिंह ने मौके पर पहुंच कर प्रभावित लोगों से बात की व पानी की निकासी करने का भरोसा दिलाया। कस्बे की मंडी संगवाली के सुचेत सिंह का घर गिर गया और कार मलबे में दब गई। गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। मंडी कैली निवासी धनी राम का घर भी गिर गया जिससे सामान नष्ट हो गया। परिवार के सदस्य घटना में बाल-बाल बच गए। कस्बे के सिड़को चौक के घरों में भी पानी घुस गया। बबर नाले में आइ बाढ़ से राजपुरा सारथी मार्ग बह जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। बबर नाले में आई बाढ़ से दोपहर तक राजपुरा सांबा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। जिसे दोपहर बाद बहाल किया गया। सांबा-उधमपुर मार्ग पर पस्सियां गिरने से मार्ग बाधित रहा।
सांबा के औद्योगिक क्षेत्र में जलमग्न सडकों से गुजरते वाहन- फोटो : संस्थान