राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से रियासत में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ईंट दर ईंट पुनर्निर्माण पर बल दिया है। कहा कि रियासत को पटरी पर लाने के लिए संयुक्त प्रयासों की जरूरत है। साथ ही कहा कि बढ़ती बेरोजगारी टाइम बम की टिक टिक जैसी है। यह चुनौती सबसे खतरनाक है। इससे निपटने के लिए व्यापक रणनीति बनाए जाने की जरूरत है।
विधान परिषद के बजट सत्र के समापन सत्र को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि रियासत की तरक्की और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। बेरोजगारी दूर करने के लिए उन्होंने कहा टैलेंट, ट्रेड, ट्रेडिशन और टेक्नोलाजी का इस्तेमाल कर दोनों ही मकसद पूरे किए जा सकते हैं।
युवाओं के मसले हल करने के लिए सबसे पहले समझ की जरूरत है जो वह बखूबी रखती हैं। युवाओं के लिए मुकम्मल विजन है जिसे राज्य और केंद्र सरकार मिलकर साकार करेगी। यह केवल व्यक्तिगत प्रतिबद्धता भर नहीं है बल्कि उनका संकल्प भी है।
जम्मू संभाग में सांप्रदायिक ताकतों के प्रति सचेत रहना है
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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उन्होंने कहा कि रियासत को पटरी पर लाने के लिए संयुक्त प्रयासों की दरकार है। जन अपेक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा सरकारी मशीनरी ठीक से काम नहीं कर रही है। इसके लिए या तो काम करना होगा या फिर परिणाम भुगतने होंगे।
जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र के लिए तमाम वर्ग के लोगाें की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बहाल करने के लिए राजनेताओं, पुलिस, सुरक्षा बल, मीडिया, सरकारी मुलाजिमों, महिलाओं और पुरुषों ने व्यापक बलिदान दिया है। इन संस्थाओं की रक्षा करना सभी का दायित्व है। बुनियादी स्तर पर बदलाव के लिए तमाम क्षेत्रों में सुधार करना होगा।
महबूबा ने कहा कि कश्मीर में जो नुकसान आतंकवाद ने पहुंचाया उसी तरह का नुकसान जम्मू संभाग में सांप्रदायिक ताकतें पहुंचा सकती हैं। इसके प्रति सचेत रहना होगा।