जम्मू। शहर में 58 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अब जनता के लिए सुविधा से ज्यादा अपराधियों के लिए सुरक्षित गलियारा बन चुकी है। आठ थाना क्षेत्र विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा, बिश्नाह, मीरां साहिब, सतवारी, दोमाना, घरोटा और कानाचक्क से गुजरने वाली सड़क पर पुलिस गश्त और नाकेबंदी के दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। शनिवार को हरिपुर मंडल टोल प्लाजा के पास दो सगे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि रात में लोग सफर करने से कतराने लगे हैं।
स्थायी नाकों और सख्त निगरानी के अभाव में हत्या, लूट, अपहरण और गैंगवार जैसी वारदात लगातार बढ़ रही हैं। हर बड़ी घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच की बात कहती है लेकिन हालात जस के तस हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थायी नाके और निगरानी न होने से यह रोड अपराधियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन रही है। इस गंभीर मुद्दे पर अधिकारी भी मौन हैं। जब एसएसपी जम्मू जोगिंद्र सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। लोग पुलिस से जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अपराध का ट्रैक रिकॉर्ड
23 मई : हरिपुर मंडल के पास दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला।
24 मार्च : 16 वर्षीय किशोर जाफर हुसैन का अपहरण, पांच दिन बाद बलोल नाले में मिला शव।
30 मार्च : भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सचिन गुप्ता पर धारदार हथियारों से हमला।
21 मार्च व 19 फरवरी : कानाचक और बिश्नाह क्षेत्र में संदिग्ध हालात में दो युवकों के शव बरामद।
21 फरवरी : बिश्नाह में ट्रक चालक से लूटपाट और मारपीट।
नवंबर 2025 : सोहांजना में स्कॉर्पियों पर धारदार हथियारों से हमला।
जुलाई 2025 : कानाचक में छह बदमाशों का हथियार लहराते हुए वीडियो वायरल।