रिफ्यूजियों का वन टाइम सेटेलमेंट पैकेज केंद्र सरकार द्वारा लौटाने का रविवार को जमकर विरोध किया गया। गुस्साए रिफ्यूजियों ने पुराने बस अड्डे के पास एकत्रित होकर केंद्र सरकार का पुतला फूंका और नारेबाजी की। इस दौरान कहा कि केंद्र सरकार ने उनके साथ धोखा किया है और अब वह सरकार के हित में कभी कोई बात नहीं करेंगे।
मनोहर सिंह ने कहा कि बड़ी मुश्किल से सरकार ने पुनर्वास के लिए योजना तैयार कर उसे अमली जामा पहनाया, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सरकार ने वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को आधार बनाकर बाकी के रिफ्यूजियों के साथ धोखा किया है।
सरकार इस पैकेज को स्वीकृति दे देती और वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के लिए भी राज्य सरकार को निर्देश देती, तो बेहतर होता। पवन शर्मा ने कहा कि पैकेज लौटाने से सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। लिहाजा केंद्र सरकार जनता को और बेवकूफ नहीं बना सकती है। उन्होंने कहा कि यह हमारे साथ सीधे तौर पर नाइंसाफी है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वाधवा कमीशन का गठन कर सर्वे करवाया गया था। इसके आधार पर वन टाइम सेटेलमेंट की सिफारिशें की गईं, लेकिन अभी तक इन सिफारिशों के बाद भी कुछ नहीं हुआ। कैबिनेट ने बड़ी मुश्किल से इसे पास कर सरकार को भेजा, लेकिन सरकार ने इसे वापस लौटा दिया। अब सरकार के खिलाफ वह उग्र रुख अपनाएंगे।