- मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली समिति ने नाबार्ड और आरआईडीएफ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
- बोले, निर्माणाधीन आरआईडीएफ कार्यक्रमों को पूर्ण करने के लिए नाबार्ड से शेष धनराशि जल्द प्राप्त करें
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने रविवार को नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक में पिछले ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) कार्यक्रमों के प्रगति और उपलब्धियों की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर में आरआईडीएफ-31 (2025-26) के अंतर्गत शुरू होने वाली नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं से तय समय में परियोजनाओं को पूरा करने को कहा। बोले निर्माणाधीन आरआईडीएफ कार्यक्रमों को पूर्ण करने के लिए नाबार्ड से शेष धनराशि जल्द प्राप्त करें। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव वित्त संतोष डी वैद्य ने बताया कि इस वर्ष आरआईडीएफ के अंतर्गत कुल व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में परियोजनाएं पूरी हुई हैं। महानिदेशक संसाधन एमवाई इत्तू ने बताया कि आरआईडीएफ-26 से 30 तक 7,000 करोड़ मूल्य की कुल 1,426 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं जिनका अब तक लगभग 36 प्रतिशत व्यय पूरा हो चुका है।
इसमें पीडब्ल्यूूडी में 5,249 करोड़ की 1,145 परियोजनाएं, जल शक्ति विभाग में 740 करोड़ की 90 परियोजनाएं, कृषि में 517 करोड़ की 104 परियोजनाएं, बागवानी में 145 करोड़ की 22 परियोजनाएं, पशु एवं भेड़पालन में 203 करोड़ की 45 परियोजनाएं, स्वास्थ्य विभाग में 127 करोड़ की 20 परियोजनाएं शामिल हैं। बताया गया कि 2025-26 के लिए व्यय लक्ष्य 1,304 करोड़ निर्धारित किया गया है जिसका उद्देश्य सभी लंबित परियोजनाओं तय समय में पूरा करना है।
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नाबार्ड ने जम्मू-कश्मीर के लिए 600 करोड़ आवंटित किया
बैठक में बताया गया कि नाबार्ड ने जम्मू और कश्मीर के लिए 600 करोड़ का मानक आवंटन किया है। इस किश्त के अंतर्गत क्षेत्रीय आवंटन में पीडब्ल्यूूडी को 330 करोड़, जल शक्ति विभाग को 149 करोड़, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को 9 करोड़, बागवानी को 14 करोड़, पशु एवं भेड़पालन को 47 करोड़, कृषि को 50 करोड़ रुपये शामिल है।
आरआईडीएफ-31 के अंतर्गत 2025-26 के दौरान प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 201 नई परियोजनाओं को पर काम करने का प्रस्ताव है।
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