धान की अच्छी उपज की आस लगाए किसानों की उम्मीदें धुंधली नजर आ रही हैं। बासमती धान की फसल को खडसू नामक बीमारी ने चपेट में ले लिया है। किसान चिंता में हैं। उन्हें फसल चौपट होने की चिंता सता रही है।
दरअसल, धान की फसल पकाव के अंतिम चरण में है। ऐसे में खडसू नामक बीमारी ने उसे घेर लिया है। यही बीमारी लगातार बढ़ रही है। पहले सूखा, फिर पाकिस्तानी गोलाबारी ने फसल के रखरखाव को प्रभावित किया।
बची-कुची कसर बाद में बाढ़ ने पूरी कर दी। हजारों एकड़ में धान की फसल डूब गई थी। इन सबसे के बाद कुछ उम्मीद बची थी कि बासमती धान को खडसू ने घेर लिया।
अच्छी गुणवत्ता का बीज नहीं दिया
सीमावर्ती क्षेत्र के गांव घराना, घरानी, अब्दुल्लिया, सुचेतगढ़ आदि के किसानों ने कहा कि फसल को बीमारी लगने से चिंता बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इस फसल का बीज उन्होंने कृषि विभाग के कार्यालय से खरीदा था।
किसानों को आशंका है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता का बीज नहीं दिया गया। इसके कारण फसल के पकने से ऐन पहले बीमारी ने घेर लिया।
किसान जोगिंद्र सिंह, तरसेम लाल, ओमप्रकाश, कर्म सिंह का कहना है कि जिन किसानों के पास घर का बीज था और जिन्होंने बाजार से बीज खरीद कर धान की रोपाई की थी, उनकी फसलों में यह बीमारी नहीं लगी है।
लेकिन कृषि विभाग से बीज खरीदकर लगाई पचास प्रतिशत फसल में रोग लग गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को इस बीमारी के बारे में बताया गया है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी फसलों का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है।
कृषि विभाग ने बनाई टीमें
धान की फसल को खडसू नामक बीमारी लगने का पता चलने पर टीम गठित की गई है। रोगग्रस्त फसल का निरीक्षण किया जा रहा है। खडसू बीमारी पर काबू पाने के लिए पचास प्रतिशत छूट पर दवाई उपलब्ध है। इसके छिड़काव के बारे में किसानों को बताया जा रहा है। फिलहाल, कृषि विभाग से बीज प्राप्त करने वाले किसानों का पता लगाया जा रहा है कि वह बीज उनका है या नहीं।
-डीडी भगत, ईओ, कृषि विभाग आरएस पुरा